कोयंबटूर कार ब्लास्ट मामले में एनआईए ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने उमर फारूक, तौफीक और फिरोज खान को मामले से जुड़े होने के संदेह में गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि NIA ने 23 अक्तूबर को कोयंबटूर जिले के कोट्टई ईश्वरन मंदिर के सामने विस्फोटकों से भरी एक कार में हुए बम विस्फोट मामले में तीन लोगों मोहम्मद तौफिक (25), उमर फारूक (39) और फिरोज खान (28) को गिरफ्तार किया है।
इससे पहले कोयंबटूर में दिवाली के दिन पूर्व एक मंदिर के बाहर हुए कार बम धमाके को लेकर NIA लगातार जांच कर रही है। कार बम धमाके में कथित 'मानव बम' जमीशा मुबिन (29) की मौत हो चुकी है। कार में एलपीजी सिलेंडर फटा था। घटनास्थल से कीलें व कंचे व छर्रे मिले थे। इन्हें लेकर दावा किया गया कि ये सिलेंडर में भरने के बाद धमाके की बड़ी साजिश रची गई थी, लेकिन वह विफल रही। ये धमाका 23 अक्तूबर को अल सुबह हुआ था।
इससे पहले तमिलनाडु पुलिस ने इस धमाका मामले में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) लागू किया है। गिरफ्तार किए गए लोग विस्फोट में मारे गए जमीशा मुबीन के सहयोगी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद थलका (25), मोहम्मद असरुद्दीन (25), मुहम्मद रियाज (27), फिरोज इस्माइल (27), मोहम्मद नवाज इस्माइल (27) और मृतक के एक रिश्तेदार अफसर खान शामिल हैं। खान मृतक का चचेरा भाई है। कार विस्फोट से दो दिन पहले एसआईटी ने उसे हिरासत में लिया था। तमिलनाडु पुलिस ने छापेमारी में मुबिन के घर में विस्फोटक सामग्री जब्त की थी। मौके से 75 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट, चारकोल, एल्यूमीनियम पाउडर और सल्फर जब्त किया था। यह सामग्री विस्फोटक बनाने में काम आती है।
यह धमाका मारुति 800 कार में हुआ था। एलपीजी सिलेंडर के बाद मुबिन संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मर गया था। पुलिस के अनुसार मुबिन एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था। उससे 2019 में एनआईए के अधिकारियों ने आतंकी संपर्कों को लेकर पूछताछ की थी। उसका नाम इस धमाके के मुख्य आरोपियों में नामजद किया गया है।