दिल्ली के 62 साल के सेवानिवृत्त एसीपी सुंदरलाल पराशर को हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया है। उनपर आरोप है कि उन्होंने खालिस्तानी आंदोलन के समर्थक को हथियार मुहैया करवाए थे।
एनआईए ने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने एक संदिग्ध आतंकी के साथ 250 बार फोन पर बात की है। दो दिसंबर को एटीएस ने 42 साल के हरपाल सिंह नाइक को गिरफ्तार किया था। जनवरी में मामले को पुणे एटीएस से लेकर एनआईए को सौंप दिया गया था।
मंगलवार को अदालत ने पराशर को 14 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एनआईए का आरोप है कि नाइक के पास देश में बनी बंदूक और पांच राउंड कार्टरेज हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि नाइक सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था। जहां वह अलग खालिस्तान का प्रचार और उग्रवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिश किया करता था।
दिसंबर में इसी मामले में दिल्ली के रहने वाले मोहिउद्दीन सिद्दिकी को गिरफ्तार किया गया था। उसपर आरोप था कि नवंबर 2018 में उसने नाइक तक एक अन्य शख्स के जरिए अवैध हथियार पहुंचाए थे। 24 अप्रैल को एनआईए ने दिल्ली से पराशर को गिरफ्तार किया और अदालत के सामने पेश किया। जहां से उसे 10 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।