छापेमारी के दौरान एनआईए की टीम।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2006 में कोझीकोड में हुए दोहरे विस्फोट मामले के आरोपी 33 वर्षीय व्यक्ति को गुरुवार को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया। वह सऊदी अरब से दिल्ली आया था।
एजेंसी ने कहा कि केरल के कन्नूर जिले के तलासेरी का निवासी मोहम्मद अशर फरार चल रहा था। एनआईए ने 2010 में उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। उसे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया।
एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि मामला दो आईईडी विस्फोटों से संबंधित है, जो तीन मार्च 2006 को कोझीकोड में केएसआरटीसी और मुफस्सिल बस स्टैंडों पर हुए थे। इस हमले में दो लोगों को चोटें आई थी और संपत्ति का भी नुकसान हुआ था।
उन्होंने कहा कि एनआईए ने मामलों की जांच दिसंबर 2009 में राज्य पुलिस से अपने हाथ में ली थी और अशर सहित आठ लोगों के खिलाफ 2010 में चार्जशीट दाखिल किया था।
मराड दंगा के आरोपितों को बेल नहीं देने पर रची थी साजिश
एजेंसी ने कहा कि जांच में पता चला कि अशर और अन्य फरार आरोपी पीपी यूसुफ उस आपराधिक षड्यंत्र में शामिल थे जो प्रमुख आरोपी टी नसीर, सफास और अन्य ने कोझीकोड शहर में आईईडी विस्फोटों के लिए रचा था।
इन लोगों ने इन विस्फोटों का षड्यंत्र 2003 के मराड सांप्रदायिक दंगा मामले में कुछ मुस्लिम आरोपियों को जमानत नहीं दिये जाने के खिलाफ रचा था। एनआईए ने दावा किया कि अशर ने यूसुफ के साथ मिलकर टी नसीर की आईईडी तैयार करने और उन्हें कोझीकोड शहर में बस स्टैंडों पर लगाने में मदद की थी।
एजेंसी ने कहा कि अशर को दिल्ली में एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा ताकि उसका ट्रांजिट रिमांड हासिल कर कोच्चि ले जाया जा सके जहां उसे एनार्कुलम में विशेष न्यायिक अदालत में पेश किया जाना है।