राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) प्रशासन द्वारा छेड़खानी की शिकायत पर कथित तौर पर निष्क्रिय रहने की मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है।
एनएचआरसी ने ये फैसला यूपी पुलिस द्वारा छात्राओं को पीटे जाने के बाद लिया है। एनएचआरसी ने मुख्य सचिव, यूपी डीजीपी और बीएचयू वीसी को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
#FLASH: NHRC takes suo motu cognizance of media reports about alleged inaction by authorities of BHU into a complaint of eve-teasing-NHRC
— ANI (@ANI) September 26, 2017
BHU में लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेसियों ने फूंका मोदी-योगी का पुतला, सिर मुंडवाकर किया प्रदर्शन
बीएचयू में छात्राओं पर बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में लखनऊ में कांग्रेस के जुलूस को पुलिस ने बीच रास्ते ही रोक दिया। इससे भड़के कांग्रेसी वहीं धरने पर बैठ गए। वक्ताओं ने कहा, केंद्र और प्रदेश सरकार तानाशाही पर उतारू है। वे लोकतंत्र की हत्या कर रही हैं।
नवरात्र में भी बहन-बेटियों को नहीं बख्शा गया। इसलिए उनसे नारियों की रक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती। वहीं, कुछ कांग्रेसियों ने इस घटना के विरोध में सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया।
21 सितंबर की शाम जब बीएचयू परिसर में छात्रा के साथ छेड़खानी हुई और छात्राओं ने त्रिवेणी हॉस्टल के समीप आक्रोश जताया तो इसकी जानकारी तत्कालीन लंका थानाध्यक्ष राजीव सिंह को भी हुई थी।
मगर उन्होंने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी करना तो दूर, इसका आश्वासन भी छात्राओं को नहीं दिया और बीएचयू प्रशासन का रुख भांपते रहे। इससे आक्रोशित छात्राओं ने 22 सितंबर की सुबह सिंहद्वार पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।