राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कटक के एक कैंसर अस्पताल में आवारा कुत्तों के घूमने और रोगियों को काटने की खबरों पर ओडिशा सरकार और कटक नगर निगम को नोटिस जारी किया। खबरें सामने आई थीं कि आचार्य हरिहर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर (एएचपीजीआईसी), कटक, ओडिशा के परिसर में आवारा कुत्ते स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं और रोगियों को काट रहे हैं।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि आयोग ने कहा कि खबरों के अनुसार पिछले स्पताह अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों ने पांच रोगियों को काट लिया जिससे उनकी कीमोथैरेपी और रेडियेशन जैसी प्रक्रियाओं में देरी हो रही है। आयोग ने कहा कि यदि खबरों में दी गयी जानकारी सही है तो यह रोगियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
आयोग ने मुख्य सचिव, ओडिशा सरकार, निदेशक, आचार्य हरिहर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर (एएचपीजीआईसी), कटक और आयुक्त, कटक नगर निगम को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में एएचपीजीआईसी अस्पताल के परिसर में आवारा कुत्तों के खतरे से निपटने के लिए और अस्पताल परिसर के परिसर में मरीजों के साथ-साथ उनके परिचारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके द्वारा उठाए गए/प्रस्तावित कदम शामिल होने चाहिए।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 281 बिस्तरों वाले इस प्रमुख सरकारी कैंसर अस्पताल में रोजाना 700 से 1,000 मरीज आते हैं। कुत्ते मरीजों और उनके तीमारदारों को काटते हैं और उनसे खाना छीन लेते हैं। साथ ही, अस्पताल के वार्डों में कुत्तों को खुलेआम घूमते देखा जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट ने विशेष रूप से दो कैंसर रोगियों के मामलों का हवाला दिया, जिन्हें अस्पताल परिसर में कुत्ते द्वारा काटा गया था और जिसके परिणामस्वरूप उनके कैंसर के समयबद्ध उपचार में देरी हुई।