NHRC: एनएचआरसी ने थाईलैंड में फंसे ओडिशा के छह श्रमिकों को लेकर विदेश मंत्रालय की टिप्पणी मांगी है, ताकि पीड़ितों के परिवारों की मदद की जा सके। इन छह में से चार श्रमिक वतन वापसी कर चुके हैं। पढ़ें रिपोर्ट-
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने थाईलैंड में ओडिशा के छह मजदूरों के कथित उत्पीड़न को लेकर विदेश मंत्रालय की टिप्पणियां मांगी हैं। आयोग ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
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पूरा मामला सामने कैसे आया ?
आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया।
रिपोर्ट में बताया गया था कि केंद्रपाड़ा और भद्रक जिले के छह लोगों का बैंकॉक के पास एक इलाके में पिछले छह महीनों से नियोक्ता की ओर से उत्पीड़न किया जा रहा था।
यह मामला 17 फरवरी को तब सामने आया, जब पीड़ियों ने अपने हालात बयां करते हुए एक रिकॉर्ड वीडियो साझा किया।
आरोप है कि उन्हें एक फैक्टरी में बंद किया गया और उनके नियोक्ता ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन: एनएचआरसी
एनएचआरसी ने कहा कि अगर यह खबर सही है, तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने विदेश मंत्रालय से पूछा है कि क्या वह पीड़ितों के परिवारों को किसी प्रकार से मदद कर सकते हैं। आयोग ने कहा, मंत्रालय से एक हफ्ते के भीतर जवाब की उम्मीद है।
12 घंटे काम करने के लिए किया मजबूर
रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित अगस्त 2025 में एक ठेकेदार के जरिये थाईलैंड गए थे, जिन्होंने उन्हें अच्छे वेतन वाली नौकरी का वादा किया था। लेकिन उन्हें प्लाईवुड फैक्टरी में प्रतिदिन 12 घंटे काम करने को मजबूर किया गया और वेतन या पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया। इसके अलावा, नियोक्ता ने कथित तौर पर उनके पासपोर्ट भी जब्त कर लिए।
घर लौटे छह में से चार मजदूर
ओड़िशा सरकार के उड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग ने बताया कि राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय और अन्य के संयुक्त प्रयासों के चलते छह में से चार मजदूर पिछले सप्ताह अपने घर लौट आए। एक अधिकारी ने बताया कि दो अन्य मजदूर अभी भी कुछ वीजा-संबंधी कारणों से थाईलैंड में ही हैं।