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NHRC: सभी 46 सरकारी मानसिक संस्थान दयनीय स्थिति में, एनएचआरसी ने नोटिस जारी कर मांगी रिपोर्ट

Thu, 26 Jan 2023 05:41 AM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, नई दिल्ली

सार

मानवाधिकार के एक पैनल ने कुछ माह पहले ग्वालियर, आगरा और रांची के चार सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक बयान में कहा कि देश भर में सभी 46 सरकारी मानसिक स्वास्थ्य संस्थान दयनीय स्थिति में हैं।
 
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विस्तार
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को कहा कि देश भर में सरकार द्वारा संचालित सभी 46 मानसिक स्वास्थ्य संस्थान दयनीय स्थिति में हैं। एनएचआरसी ने केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर छह माह में अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। 
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सभी 46 सरकारी मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की स्थिति दयनीय 
मानवाधिकार के एक पैनल ने कुछ माह पहले ग्वालियर, आगरा और रांची के चार सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक बयान में कहा कि देश भर में सभी 46 सरकारी मानसिक स्वास्थ्य संस्थान दयनीय स्थिति में हैं और विभिन्न हितधारकों द्वारा बहुत ही दयनीय व्यवहार को दर्शाते हैं।

अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी कमी
आयोग देशभर में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की अमानवीय और दयनीय स्थिति, मानसिक रूप से बीमार रोगियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए खेदजनक स्थिति प्रस्तुत करती है। एनएचआरसी के मुताबिक, इन अस्पतालों में ठीक हुए रोगियों को अस्पतालों में अवैध रूप से रखा जा रहा है। इसके अलावा डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी कमी है।
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अधिकारियों को छह सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
एनएचआरसी ने एक बयान जारी कर कहा, सभी राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेशों के महानगरीय शहरों में पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त और देश भर के 46 मानसिक संस्थानों के निदेशकों से छह सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। मुख्य सचिवों, स्वास्थ्य सचिवों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासकों को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी कि कैसे ठीक हुए मरीजों को उनकी स्वतंत्रता को कम करके अवैध रूप से मानसिक अस्पतालों में रखा जा रहा है।

मरीजों को भेजा जाए उनके घर
एनएचआरसी ने कहा, ऐसे सभी मरीजों को नियमानुसार उनके घरों को वापस भेज दिया जाना चाहिए, और मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, राज्य मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड, राज्य मानसिक स्वास्थ्य देखभाल नियम, और राज्य के गठन की स्थिति पर रिपोर्ट भी मांगी है।
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