फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kerala: आश्रय गृह से लड़कियों के फरार होने के मामले में NHRC सख्त, केरल सरकार और डीजीपी को भेजा नोटिस

Wed, 16 Nov 2022 05:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

आयोग ने केरल के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर घटना पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट के साथ रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह भी कहा है कि यह भी बताया जाना चाहिए कि क्या सामाजिक न्याय विभाग या बाल कल्याण समिति के किसी लोक सेवक की संलिप्तता लड़कियों को आश्रय गृह से भगाने में थी।
 
विज्ञापन
मानवाधिकार आयोग का नोटिस - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल के कोट्टयम में स्थित एक एनजीओ के बालिका आश्रय गृह से नौ लड़कियों के गायब होने की खबरों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतं संज्ञान लिया है। बुधवार को अधिकारियों ने इस बाबत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में एनएचआरसी ने केरल सरकार और राज्य के डीजीपी को नोटिस जारी किया है। जानकारी के मुताबिक, कोट्टयम के आश्रय गृह से लड़कियों के लापता होने को लेकर सोमवार को कई मीडिया संस्थानों ने खबर छापी थी। इन्हीं के आधार पर एनएचआरसी ने यह कार्रवाई की है। 

विज्ञापन


आयोग ने केरल के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर घटना पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट के साथ रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह भी कहा है कि यह भी बताया जाना चाहिए कि क्या सामाजिक न्याय विभाग या बाल कल्याण समिति के किसी लोक सेवक की संलिप्तता लड़कियों को आश्रय गृह से भगाने में थी।

इसके अलावा, एनएचआरसी ने कोट्टायम में बार-बार लड़कियों के लापता होने की घटनाओं पर भी विचार किया है। इस बाबत कदम उठाते हुए आयोग ने अपने विशेष प्रतिवेदक हरिसेन वर्मा को कोट्टायम का दौरा करने का निर्देश दिया है। कोट्टयम का दौरा और जांच के बाद विशेष प्रतिवेदक हरिसेन वर्मा को आयोग के समक्ष दो महीने के भीतर रिपोर्ट भी पेश करनी होगी। इस रिपोर्ट में वर्तमान मामले की जांच भी शामिल की जाएगी। इसके अलावा आयोग ने यह भी कहा है कि  उम्मीद है कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के उपाय भी सुझाएंगे। रिपोर्ट में कथित आश्रय गृह में रहने को लेकर लापता लड़कियों के असंतोष और मोहभंग के कारणों को स्पष्ट करना चाहिए।
विज्ञापन


इन रिपोर्ट्स के आधार पर एनएचआरसी ने कार्रवाई के संबंध में एक बयान भी जारी किया है। अपने बयान में आयोग ने अमानवीय और अशोभनीय व्यवहार की संभावना जताते हुए कहा है कि ऐसा लगता है कि इस आश्रय गृह में रहने वाली लड़कियां यहां संतुष्ट या खुश नहीं हैं।  जिसके कारण लड़कियां इसे छोड़ने के लिए मजबूर हो रही हैं। आयोग ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों की सामग्री के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि गैर सरकारी संगठन महिला समाख्या द्वारा चलाए जा रहे आश्रय गृह में पर्यवेक्षण और प्रभावी निगरानी की कमी है। इसके बावजूद, यह सामाजिक न्याय विभाग और बाल कल्याण समिति द्वारा मान्यता प्राप्त है।  

गौरतलब है कि सोमवार को कोट्टयम के महिला सामाख्या से नौ लड़कियों के लापता होने को लेकर खबर सामने आई थी। दावा किया गया था कि इसमें रहने वाली लड़कियां पिछले काफी दिनों से वहां रहने को लेकर विरोध कर रही थीं। इसके बाद सोमवार वे फरार पाईं गईं। केरल में इस तरह की ये तीसरी घटना थी। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी थी।      

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें