नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सलाह दी है कि बढ़ते हिमस्खलन से बचाने के लिए अमरनाथ गुफा को 'साइलेंट जोन' घोषित किया जाना चाहिए। एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन से ये भी कहा है कि भगवान शंकर को चढ़ाए जाने वाले नारियल पर भी रोक लगाएं।
एनजीटी ने ये भी पूछा है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में उस क्षेत्र को सबसे सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया था तो आजतक उस आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ। एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन द्वारा बनाई गई पर्यावरण सुरक्षा कमीटी से यह भी पूछा है कि श्राइन के आस-पास बनी दुकानें और टॉयलेट अभी तक क्यों नहीं हटाई गईं हैं।
इससे पहले एनजीटी ने वैष्णो देवी दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किये थे जिसके मुताबिक, मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए एक दिन में अब केवल 50 हजार श्रद्धालु ही कटरा से ऊपर जा सकेंगे।
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दरअसल, वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एनजीटी ने यह कदम उठाया। इस आदेश के पीछे सबसे बड़ी वजह लोगों की सुरक्षा भी है। गौरतलब है कि वैष्णो देवी मंदिर के दरबार में 50 हजार लोगों की ही क्षमता है।
NGT suggests that the area around Amarnath Shrine cave should be declared as 'silence zone' to prevent avalanches, throwing offerings/coconuts near the cave should be stopped. NGT also asks, 'why SC orders of 2012 for protection of the area haven't been followed?'
— ANI (@ANI) November 15, 2017