राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ठोस कचरा प्रबंधन में खामियों को लेकर केरल सरकार को जमकर फटकार लगाई है। एनजीटी ने राज्य सरकार से स्पष्टï तौर पर कहा कि वह अर्थपूर्ण कार्रवाई करने में विफल रही है और अपने कर्तव्य के पालन में उसने घोर लापरवाही दिखाई है। हरित पैनल ने कहा, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नियामक के तौर पर जो कठोर मानक अपनाने की उम्मीद थी, वो पूरी नहीं की गई।
एनजीटी ने खासतौर पर कोच्चि शहर के बाहरी एरिया में भारमपुरम ठोस कचरा प्रोसेसिंग प्लांट पर कूड़े का प्रबंधन करने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शहरी विकास विभाग को प्रभावी कदम उठाने में विफल करार दिया। एनजीटी का कहना है कि इससे पर्यावरण के साथ साथ आम जनता के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंच रहा है।
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने केरल के मुख्य सचिव को शहरी विकास विभाग के सचिव, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष और संबंधित नगर पालिका आयुक्त की 3 सदस्यीय समिति गठित करने का कहा है। यह समिति इस समस्या का हल सुझाएगी, जिसे लागू करना केरल सरकार की जिम्मेदारी होगी।