राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) नेे हरियाणा सरकार को अरावली वन भूमि से अवैध निर्माण हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने अपने आदेश की समीक्षा करने के लिए 10 फार्म हाउस मालिकों की ओर से दायर याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि जिस भूमि का जिक्र किया गया है वह वन भूमि है और उस पर हुआ निर्माण अवैध है। ट्रिब्यूनल ने हरियाणा सरकार को मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा।
एनजीटी ने आदेश समीक्षा वाली याचिका को किया खारिज
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा हरियाणा सरकार ने अपने जवाब में बताया कि वन क्षेत्र को चिह्नित कर लिया गया है और पूर्व स्थिति को बहाल करने के लिए अतिक्रमण मुक्त किए जाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इस काम में और समय लगेगा। हरियाणा सरकार ने अधिकरण को बताया कि वन क्षेत्र की पहचान के लिए जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया था, जिन्होंने संबंधित रिपोर्टें सौंप दी हैं।
गुरुग्राम के उपायुक्त ने गुरुग्राम जिले की रिपोर्ट जमा कर दी है। इसमें हरियाणा के लिए लागू पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम की अधिसूचनाओं के संदर्भ में अरावली जंगलों की पहचान करने के लिए उठाए गए कदम का उल्लेख किया गया है।