दिल्ली-एनसीआर के पेट्रोल पंपों में को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) सख्त है। एनजीटी ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह इसकी जांच कर चार हफ्तों में रिपोर्ट दे। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची चेरुब सिंगला मामले में सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
मंत्रालय ने इसके लिए दो अतिरिक्त महीनों की मांग की थी। पीठ ने मंत्रालय को रिपोर्ट दाखिल करने में देरी के लिए फटकार भी लगाई। साथ ही दो महीनों का समय देने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि आखिर आप रिपोर्ट क्यों नहीं फाइल कर रहे? पीठ ने सख्त लहजे में कहा कि प्राधिकरण चार हफ्तों के भीतर ट्रिब्यूनल में रिपोर्ट दाखिल करें।
ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्यों की समिति बनाकर दिल्ली-एनसीआर में औचक तरीके से 10 पेट्रोल पंपों की जांच करने का निर्देश दिया है।
पीठ ने कहा कि ईंधन के सैंपल की जांच व विश्लेषण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला में होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 2 अक्तूबर को होगी। इस दौरान समिति के सदस्य भी ट्रिब्यूनल के समक्ष मौजूद होंगे। याची ने कहा है कि ईंधन में मिलावट से वाहनों से निकलने वाला धुआं अत्यधिक खतरनाक हो जाता है।