नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नेशनल वेटलैंड्स कमेटी को निर्देश दिया है कि वह पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन के लिए देश की सभी महत्वपूर्ण दलदली जमीनों से जुड़े आंकड़े तैयार करने को कहा है।
एनजीटी ने कहा कि सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी अपने-अपने इलाकों में दलदली जमीन के प्रबंधन की स्थिति केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सचिव को तीन माह के अंदर सौंप सकते हैं।
एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस एके गोयल की पीठ ने कहा है कि सचिव और चेयरमैन की संयुक्त समिति के आधार पर सीपीसीबी इस ट्रिब्यूनल को अगली सुनवाई से पहले पूर्ण रिपोर्ट ईमेल के जरिये दे सकता है।
पीठ ने कहा कि दलदली जमीनों खासतौर पर रामसर साइट का संरक्षण पर्यावरण को बचाने के लिए काफी अहम है। दरअसल रामसर साइट अंतरराष्ट्रीय महत्व का है और इसे रामसर समझौते तौर पर जाना जाता है। यह एक अंतरसरकारी पर्यावरण संधि है, जिसकी स्थापना 1971 में यूनेस्को ने की थी और यह 1975 से प्रभावी हुआ था।