राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशालाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। एनजीटी ने कहा कि 23 राज्यों के प्रदूषण बोर्डो ने कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) जमा की है। इसमें उन्होंने बताया कि उद्योगों की पर्यावरण निगरानी के लिए उन्होंने तय मानकों के अनुरूप कार्रवाई की है।
इसी तरह से बाकी के 12 राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आज से तीन माह के भीतर सीपीसीबी को एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा कर सकते हैं। एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की पीठ ने कहा, सीपीसीबी और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निगरानी और अन्य संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रयोगशालाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए और कदम उठा सकती है।
इसके साथ ही पीठ ने हरियाणा सरकार को फ्लोराइड दूषित और इससे प्रभावित लोगों को पीने योग्य पानी की उपलब्धता के बारे में अवगत कराने को भी कहा। पीठ ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 31 दिसंबर तक आगे की कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। पीठ ने सीपीसीबी को निर्देश दिए कि वह सभी रिपोर्ट को जमा कर सकती है और एक रिपोर्ट तैयार कर अगली तारीख से पहले ई-मेल के जरिये यह रिपोर्ट पीठ को जमा करे।
सीपीसीबी ने अधिकरण को बताया कि उसने बंगलूरू, भोपाल, कोलकाता, लखनऊ, शिलांग और वडोदरा में केंद्री प्रयोगशालाओं और क्षेत्रीय निदेशालय प्रयोगशालाओं की मजबूती के लिए रिपोर्ट तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ सीएस शर्मा की की सेवाएं ले रही है।