फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NGT: पर्यावरण मंत्रालय पर 25,000 रुपये का जुर्माना, धन का दुरुपयोग करने पर एनजीटी ने की सीपीसीबी की खिंचाई

Tue, 19 Dec 2023 11:52 PM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ग्रीन पैनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को उसके पास जमा पर्यावरणीय मुआवजे को अनधिकृत उद्देश्यों के लिए खर्च करने के लिए भी फटकार लगाई, और कहा कि यह घोर दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितता है।
विज्ञापन
NGT - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पर 'अप्रासंगिक और अस्पष्ट उत्तर' दाखिल करने के लिए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही हरित पैनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को उसके पास जमा पर्यावरणीय मुआवजे के गलत तरीके से इस्तेाल करने के लिए भी फटकार लगाई। कहा यह 'घोर दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितता' है।

विज्ञापन


पीठ ने कहा, इस तरह के अस्पष्ट और अप्रासंगिक जवाब दाखिल करने के लिए हम प्रतिवादी नंबर-1 (मंत्रालय) पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाते हैं और उसे एक महीने के भीतर वायु प्रदूषण की प्रभावी निगरानी और नियंत्रण के लिए उठाए गए सभी कदमों का विवरण देते हुए एक पूरक जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हैं।

जवाब दाखिल करने के लिए दिया एक माह का समय
सीपीसीबी को जवाब दाखिल करने के लिए एक महीने का समय देते हुए पैनल ने बोर्ड से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पर्यावरण मुआवजे के तहत जमा की गई राशि को न तो डायवर्ट किया जाए और न ही कोई वित्तीय अनियमितता हो।
विज्ञापन


नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि मंत्रालय के वकील ने स्वीकार किया था कि उसके द्वारा उठाए गए प्रभावी कदमों के संबंध में उसका जवाब स्पष्ट नहीं था। पीठ ने कहा कि बार-बार पूछने के बावजूद मंत्रालय के वकील वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उठाए गए एक भी कदम का उल्लेख नहीं कर सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें