आकाश में उड़ते हवाई जहाज से घर पर मल गिरने के मामले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को आदेश दिया है कि वह सभी एयरलाइन को सर्कुलर जारी कर संबंधित एयरलाइन कंपनी पर इस कृत्य के लिए 50 हजार रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाए। वहीं पीठ ने कहा कि यदि किसी भी एयरलाइन का टैंक जमीन पर उतरने से पहले ही हवा में खाली किया जाता है तो संबंधित एयरलाइन को दंडित भी किया जाएगा।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची व रिटायर्ड सैन्य अधिकारी की याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया है। याची का आरोप था कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास मौजूद उनके घर पर एक प्लेन के जरिए आसमान से ही मल की निकासी की गई।
पीठ ने कहा कि समान्यत: हवाई जहाज के टैंक में मौजूद अपशिष्ट की निकासी लैंडिंग के बाद की जाती है। हालांकि इस मामले में ऐसा लगता है कि टैंक लीक होने के कारण मल याची के घर पर गिर गया। ऐसे में डीजीसीए सर्कुलर जारी कर यह सुनश्चित करे कि हवाई जहाज के जमीन पर उतरने के बाद ही टैंक खाली किया जाए।