राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने खनन कंपनी वेदांता को तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्टरलाइट तांबा संयंत्र के भीतर प्रशासनिक इकाई तक जाने की आज अनुमति दी। अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कंपनी को उसकी उत्पादन इकाई तक पहुंच की अनुमति नहीं होगी और उसने जिलाधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अधिकरण ने तमिलनाडु राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 10 दिनों के भीतर स्टरलाइट संयंत्र के इर्द-गिर्द प्रदूषण पर डेटा (आंकड़ा) सौंपने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख तय की।
पीठ ने शुरुआत में ही साफ कर दिया कि वह गुण-दोष के आधार पर वेदांता की याचिका पर गौर करेगी और राज्य सरकार की दलील खारिज कर दी कि अधिकरण के दायरे में मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है।
अदालत ने 30 जुलाई को वेदांता को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। वेदांता ने तूतीकोरिन में स्टरलाइट के तांबा संयंत्र को स्थायी रूप से बंद करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। कंपनी ने सरकार की कार्रवाई को ‘राजनीतिक’ भी बताया था।
अधिकरण ने पांच जुलाई को राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा था। तमिलनाडु सरकार ने वेदांता की याचिका पर सुनवाई के संबंध में शुरूआत में आपत्ति जतायी थी।