देश में काम कर रहे गैर सरकारी संस्थानों (एनजीओ) को पिछले चार साल में विदेशी चंदे के तौर पर कुल 50,975 करोड़ रुपये मिले हैं। चंदा देने वाले देशों में शीर्ष पर अमेरिका है जहां से 19,941 करोड़ रुपये आए हैं।
देश में विदेशी चंदा नियंत्रण कानून (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत 22,400 एनजीओ अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एनसीपी सांसद डॉ. फौजिया खान के लिखित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
मंत्रालय के मुताबिक, करीब 18,000 एनजीओ को 130 देशों से चंदा मिला है। सबसे अधिक चंदा देने वाले अमेरिका ने 2016-17 में 5869 करोड़, 2017-18 में 6199 करोड़, 2018-19 में 6907 और 2019-20 में 966 करोड़ दिए। अमेरिका के बाद चंदा देने वाले देशों में ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और स्पेन हैं।
गृह मंत्रालय ने विदेशी चंदे को लेकर उच्च सदन में 20 पेज की विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। इसके मुताबिक, दिल्ली स्थित एनजीओ को पिछले चार साल में सबसे अधिक पैसे मिले। इसके बाद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के एनजीओ को रकम मिली है।
गृह मंत्रालय ने पिछले साल मार्च तक करीब 6600 एनजीओ का पंजीकरण रद्द कर दिया था। सरकार की सख्ती के बाद देशभर के सभी एनजीओ की ऑडिट की गई थी जिसमें एफसीआरए के कई प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। नए नियमों के तहत अब विदेश से आने वाले चंदे पर सरकारी एजेंसियां सख्त नजर रख रही हैं।