तंबाकू उन्मूलन के लिए काम कर रहे एक स्वयंसेवी संगठन ने केंद्र सरकार से उन फिल्म अभिनेताओं के राष्ट्रीय पुरस्कार वापस लेने का आग्रह किया है, जो सरोगेट विज्ञापनों के माध्यम से तंबाकू उत्पादों का समर्थन कर रहे हैं। नेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर टोबैको इरेडिकेशन (नोट) के अध्यक्ष डॉ. शेखर साल्कर ने ट्विटर पर कहा कि पद्मश्री पुरस्कार विजेता बॉलीवुड के कई प्रमुख अभिनेता ऐसे विज्ञापनों के माध्यम से कार्सिनोजेनिक पदार्थों और तंबाकू के सेवन को बढ़ावा दे रहे हैं।
भाजपा के गोवा मेडिकल सेल के अध्यक्ष डॉ. साल्कर ने ट्वीट किया, @PMOIndia फिट इंडिया आंदोलन के माध्यम से भारत को स्वस्थ बनाने के लिए ओवरटाइम काम कर रहा है, पूरे मिशन को इन तथाकथित प्रभावशाली लोगों द्वारा युवा पीढ़ी को फंसाने के लिए अपने सरोगेट विज्ञापन से अपमानित किया जाता है। क्या ये अभिनेता वास्तव में पद्मश्री के पात्र हैं?
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, मैं @PMOIndia से इन वास्तविक जीवन के खलनायकों को कानून का उल्लंघन करने के लिए इन्हें दिए गए सभी राष्ट्रीय सम्मानों को छीनने की अपील करता हूं। उन्होंने समाज में अपने विज्ञापनों के माध्यम से तंबाकू-गुटखा के उपयोग को सामान्य कर दिया है। साल्कर ने कहा कि सरोगेट/अप्रत्यक्ष तरीके से कैंसर पैदा करने वाले कार्सिनोजेनिक उत्पादों को बढ़ावा देकर इन्हें शर्म आनी चाहिए।