अगला विश्व युद्ध अंतरिक्ष में होगा। यह आशंका जताई है इसरो बंगलूरू के वैज्ञानिक आलोक श्रीवास्तव ने। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष स्व.कुलदीप सिंह केडी की स्मृति में व्याख्यान श्रृंखला की शुरुआत बुधवार को हुई। ‘मिशन टू मून एंड मार्स’ विषय पर व्याख्यान दे रहे आलोक ने बताया कि सभी देशअंतरिक्ष में ताकत बढ़ा रहे हैं।
अब स्पेस में सेटेलाइट को नष्ट करने का परीक्षण भी होने लगा है। ऐसे में अगला विश्व युद्ध जमीन पर न होकर स्पेस में होने की आशंका है। इससे किसी भी देश की संचार व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सकता है।
आलोक ने कहा कि इस समय पूरा फोकस ई-गवर्नेंस पर है। इंटरनेट, संचार तंत्र के अन्य तकनीकी माध्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह सेटेलाइट से संभव है। इसीलिए वैज्ञानिक इसे स्पेस गवर्नेंस भी कह रहे हैं। इस क्षेत्र में सभी देश ताकत बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चीन ने हाल में ही एक सेटेलाइट को नष्ट किया है।
इस परीक्षण के माध्यम से उसने यह दिखाने की भी कोशिश की कि वह अंतरिक्ष में सेटेलाइट नष्ट करने की क्षमता रखता है। यानी, वह किसी भी देश की संचार व्यवस्था को ध्वस्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि सभी बड़े देश इस दिशा में ताकत बढ़ा रहे हैं।