भारत और इटली ने आतंकवाद रोधी और संगठित अपराध समेत सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की, जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी और उभरते क्षेत्रीय और वैश्विक आतंकवाद खतरे भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह बातचीत 6-7 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित आतंकवाद और संगठित अपराध पर भारत-इटली संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की छठी बैठक और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने पर भारत-इटली स्थायी टास्क फोर्स की दूसरी बैठक के दौरान हुई।
बैठकों की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में आतंकवाद रोधी मामलों के अतिरिक्त सचिव सुहेल एजाज खान और इटली के विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय में राजनीतिक मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा महानिदेशालय के जी7-जी20, अंतरराष्ट्रीय खतरों और एकीकृत रणनीति के संयुक्त सचिव पाओलो मारी ने की। दोनों देशों की आतंकवाद रोधी एजेंसियों ने बैठक में भाग लिया।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, 'सीमा पार आतंकवाद सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की निंदा करते हुए, दोनों पक्षों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले की अपनी निंदा दोहराई।' विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, 'आतंकवादी उद्देश्यों के लिए सूचना, संचार और वित्तीय प्रौद्योगिकियों सहित नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता की पुष्टि करते हुए, दोनों पक्षों ने उभरते और गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए क्षमता निर्माण और सूचना के आदान-प्रदान को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।'
स्थायी टास्क फोर्स की बैठक में आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने पर भारत-इटली संयुक्त पहल के तहत आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने में सहयोग मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसे दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर शुरू किया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र, जीसीटीएफ और एफएटीएफ सहित आतंकवाद के खिलाफ बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। वे संयुक्त कार्य समूह और स्थायी टास्क फोर्स की अगली बैठक आपसी सुविधानुसार रोम, इटली में आयोजित करने पर भी सहमत हुए।
कोलकाता एयरपोर्ट को मिला धमकी भरा ईमेल, सर्च ऑपरेशन में नहीं मिली संदिग्ध वस्तु
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों को गुरुवार को बम की धमकी वाला एक ईमेल मिला, जिसके बाद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) के जवानों ने एयरपोर्ट परिसर में गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन जवानों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि गुरुवार दोपहर एयरपोर्ट अधिकारियों को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया, जिसमें दावा किया गया था कि एयरपोर्ट परिसर के अंदर कुछ जगहों पर बम रखे गए हैं। ईमेल मिलते ही अधिकारियों ने सीआईएसएफ जवानों को अलर्ट कर दिया, जो एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था के इंचार्ज हैं।
शुरू में यह माना जा रहा था कि यह कोई झूठी सूचना हो सकती है, फिर भी अधिकारी सुरक्षा के मामले में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते थे। उन्होंने एयरपोर्ट परिसर में गहन तलाशी अभियान तलाशी शुरू किया। सूत्रों ने बताया कि धमकी वाला ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिशें की जा रही हैं। ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद भी ली गई है।