कर्नाटक की हिरण्यकेशी नदी में गिरी एक महिला का शव मंगलवार रात को मिला, जबकि बुधवार को उसके बेटे की तलाश जारी रही। मृत महिला की पहचान संकेशवर के हनुमान नगर की रहने वाली लक्ष्मी सुधाकर कुटोली (27 वर्षीय) के रूप में हुई है। आशंका है कि उसका बेटा सुप्रीत डूब गया है और उसे ढूंढने के प्रयास जारी हैं।
बेलगावी पुलिस बताया कि यह घटना संकेशवर के बाहरी इलाके में तब हुई, जब सुप्रीत नदी में तैरने गया और गहरे पानी में चला गया, जिससे वह डूब गया। अपने बेटे को बचाने की कोशिश में उसकी मां भी नदी में कूद गई। लेकिन वह भी पानी के बहाव में बह गई। हालांकि, बुधवार दोपहर तक लड़के का शव बरामद नहीं हो सका था। आगे की जांच जारी है।
कर्नाटक: घर पर मृत मिले पति-पत्नी
बंगलूरू में एक घर में पति-पत्नी मृत पाए गए। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान डेविड (35 वर्षीय) और उसकी पत्नी सुमित्रा (30 वर्षीय) के रूप में हुई है। डेविड चालक था।
पुलिस के अनुसार, इस घटना की जानकारी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मिली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि डेविड पंखे से साड़ी के सहारे लटका हुआ था। जबकि उनकी पत्नी बिस्तर पर मृत पड़ी थी और उसके शरीर पर कोई स्पष्ट चोट के निशान नहीं थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि शक है कि डेविड ने पहले अपनी पत्नी का दम घोंटा होगा और उसके बाद खुदकुशी कर ली। हालांकि, पत्नी की मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगा। पुलिस ने बताया कि दोनों की शादी को सात साल हो चुके थे और उनके दो बच्चे हैं, जो घटना के समय अपने रिश्तेदार के घर पर थे। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें घरेलू विवाद की संभावना भी शामिल है।
मेघालय में अवैध प्रवासियों के आंकड़े का अभाव: वीपीपी
मेघालय में विपक्षी वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य में अवैध प्रवासियों का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वीपीपी ने उनका पता लगाने तथा निर्वासन के लिए एक 'पूरी तरह सुनिश्चित व्यवस्था' की मांग की।
वीपीपी प्रमुख अर्देंट एम बसाइआवमोइत ने एक रैली के बाद यह बयान दिया। उन्होंने कहा, अभी तक कोई उचित दस्तावेज नहीं है। सरकार ने कोई अनुमान जारी नहीं किया है, जैसा कि असम में है।
असम सरकार की ओर से जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां अवैध प्रवासियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है, जबकि मेघालय में सरकार ने ऐसा कोई अभ्यास नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन अवैध प्रवासियों का पता लगाने के लिए एक सख्त और पूरी तरह सुनिश्चित प्रक्रिया अपनानी चाहिए। उन्हें जनगणना में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उनका पता लगाकर उन्हें देश से बाहर किया जाना चाहिए।
तेलंगाना: टीएसआरटीसी कर्मचारी हड़ताल पर, बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित
तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) की बस सेवाएं पूरे राज्य में बुधवार को गंभीर रूप से प्रभावित हुईं, क्योंकि कर्मचारियों ने अपनी 32 मांगों के समर्थन में हड़ताल शुरू कर दी। इनमें टीएसआरटीसी का सरकार में विलय भी शामिल है।
आरटीसी सूत्रों के अनुसार, हड़ताल के कारण केवल लगभग 25-30 फीसदी बसें ही चल पाईं। बसें डिपो में ही खड़ी रहीं, जिससे यात्रियों को निजी परिवहन पर निर्भर रहना पड़ा। अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए कर्मचारियों ने राज्य के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। जगतियाल में बीआरएस नेता टी जी जीवन रेड्डी भी प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए।
महाराष्ट्र: ड्यूटी में लापरवाही की शिकायत पर प्रभागीय वन अधिकारी निलंबित
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में एक प्रभागीय वन अधिकारी को ड्यूटी में लापरवाही की शिकायतों के बाद निलंबित कर दिया गया है। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने यह जानकारी दी।
वन विभाग के अनुसार, दिलीप कौशिक को निलंबित करने का आदेश 21 अप्रैल को प्रधान मुख्य वन संरक्षक की ओर से जारी किया गया। उप वन संरक्षक पवन कुमार जोंग ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि निलंबन आदेश बुधवार को कौशिक को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने इस मामले से जुड़ा विस्तृत विवरण देने से इनकार कर दिया।
ओडिशा सरकार ने नगर गैस वितरण परियोजनाओं को तेज करने के लिए नीति को मंजूरी दी
ओडिशा सरकार ने बुधवार को नगर गैस वितरण के लिए एक नीति को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस और प्राकृतिक गैस के ढांचे के विस्तार को तेज करना है। यह कदम स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इस नीति के साथ-साथ सात अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मुख्य सचिव अनु गर्ग ने पत्रकारों को बताया कि यह नीति मौजूदा समस्याओं जैसे कई एजेंसियों को मंजूरी और एकीकृत ढांचे की कमी को दूर करेगी तथा प्रक्रियाओं को सरल बनाकर परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद करेगी।
पहलगाम मामले में करमबीर विशेष लोक अभियोजक बने
केंद्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के मुकदमे की पैरवी के लिए जाने-माने वकील करमबीर सिंह नलवा को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है। हमले में पिछले साल 25 पर्यटकों और टट्टू चालक की जान चली गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आदेश में नलवा को विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है। वह जम्मू स्थित एनआईए विशेष न्यायालय और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में एजेंसी की ओर से इस मामले से संबंधित मुकदमे और अन्य मामलों की पैरवी करेंगे। उनकी नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि या मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक के लिए है। एनआईए अगर उनके कामकाज से खुश नहीं होती है तो उन्हें बीच में भी हटाया जा सकता है।
गुजरात में 288 करोड़ से अधिक के साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार
गुजरात में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ के तहत पुलिस ने बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीआईडी ने बुधवार को बताया कि यह नेटवर्क 288 करोड़ से अधिक के लेनदेन वाली साइबर ठगी से जुड़ा हुआ है। आरोपियों की पहचान मुकेश मेर, फरीदखान नासिरखान पठान, अक्षय पटेल, देवेंद्र पटेल, चेतन नरनभाई अमलानी, जतिन कक्कड़, कपिलभाई कोटक और महेंद्र कोकिया के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है।
सीआईडी (क्राइम) के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अनुसार, आरोपियों को सूरत, राजकोट, भावनगर और उंझा सहित विभिन्न शहरों से कई दिनों की कार्रवाई के बाद पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग व्यक्तियों और फर्मों के नाम पर बैंक खाते खोलते और संचालित करते थे, जिनके जरिये साइबर ठगी से हासिल धन को ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद इस रकम को नकद में बदलकर हवाला और ‘अंगड़िया’ जैसे माध्यमों से आगे भेजा जाता था, ताकि उसके स्रोत को छिपाया जा सके।
सीआईडी ने बताया कि पिछले एक महीने में ही ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ के तहत गुजरात में 1,039 साइबर ठगी शिकायतों के संबंध में 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन मामलों में कुल ठगी की राशि 622 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। मामले की जांच जारी है।
आंध्र: पूर्व सीएम नादेंडला भास्कर राव का निधन
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नादेंडला भास्कर राव का बुधवार को निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। उनका अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों का इलाज चल रहा था। राव 1984 में टीडीपी संस्थापक एनटी रामाराव के खिलाफ बगावत कर सीएम बने थे, हालांकि उनका कार्यकाल केवल एक महीने ही चला। सेव डेमोक्रेसी आंदोलन के बाद एनटीआर ने दोबारा सत्ता संभाली। उनके पुत्र नादेंडला मनोहर वर्तमान में सिविल सप्लाई मंत्री हैं।
गुजरात: पिकअप पलटने से 8 की मौत, 40 घायल
गुजरात के वलसाड जिले में बुधवार को पिकअप वैन पलटने से तीन बच्चों और तीन महिलाओं समेत आठ लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर शोक संतृप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। वाहन में सवार लोग निजी समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे।
देशभर में अब तक 26 लाख परिवार स्वगणना में शामिल
देशभर में इस समय स्वगणना व मकान सूचीकरण-मकान गणना का काम चल रहा है। जनगणना महारजिस्ट्रार ने बुधवार को बताया कि अब तक 26 लाख से अधिक परिवार पहले ही स्वगणना सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। यह जनगणना की डिजिटल पहल में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
महारजिस्ट्रार ने कहा, अपनी जानकारी ऑनलाइन प्रदान करके लाखों परिवारों ने राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने के लिए एक तेज, स्मार्ट और अधिक सुविधाजनक तरीका अपनाया है। मकान सूचीकरण-मकान गणना के लिए के लिए स्वगणना की सुविधा कुछ चयनित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में जारी है। जिन राज्यों में यह काम पूरा हो गया है, वहां मकान सूचीकरण-मकान गणना के लिए जनगणना कर्मी घर-घर जाकर 33 सवालों का जवाब नोट कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना केवल लोगों की गिनती नहीं है, बल्कि देश की प्रगति की नींव है।
आपका डाटा हमेशा रहेगा गोपनीय
जनगणना महारजिस्ट्रार ने कहा कि जनगणना को लेकर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। उन्होंने इन अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि किसी का डाटा टैक्स या जांच के लिए इस्तेमाल नहीं होगा। आपका डाटा गोपनीय है ओर इसका उपयोग योजना व नीति बनाने में होगा।
जनगणना निशुल्क, अफवाह से बचें
सोशल मीडिया पोस्ट में जनगणना महारजिस्ट्रार ने लिखा, जनगणना सरल, सुरक्षित व निशुल्क है। यह बात गलत है कि कोई भी व्यक्ति प्रगणक बनकर आ सकता है। हमेशा क्यूआर सत्यापन के साथ आधिकारिक पहचान पत्र जांचे। जनगणना के लिए आपको शुल्क देना पड़ सकता है, यह बात गलत है। यह पूरी तरह निशुल्क है। स्वगणना व मकान गणना के लिए कोई शुल्क नहीं देना है।
सरकार ने गन्ने से जुड़े छह दशक पुराने कानून में बड़े बदलाव का दिया प्रस्ताव
केंद्र सरकार ने 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है। इसमें पहली बार इथेनॉल उत्पादन, डिजिटल अनुपालन और कारखानों की मंजूरी के लिए एक औपचारिक व्यवस्था को एक साथ लाया गया है। सरकार ने इस मसौदे पर 20 मई तक लोगों से सुझाव मांगे हैं।
केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 के मसौदे में पुराने कानून की बुनियादी संरचना कायम है। इसमें उचित व लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के नियम, गन्ने की आवाजाही पर नियंत्रण, 14 दिन के भीतर भुगतान की समयसीमा व देरी से भुगतान पर 15 प्रतिशत सालाना ब्याज शामिल है। हालांकि इसमें पूरी तरह बदल चुके उद्योग के अनुरूप एक नया ढांचा तैयार किया गया है। वर्ष 1966 के कानून से सबसे अहम बदलाव इथेनॉल को गन्ना नियामक ढांचे में शामिल करना है। मसौदे में चीनी कारखाने की परिभाषा में गन्ने के रस, सिरप, चीनी व मोलासेस से इथेनॉल उत्पादन को भी जोड़ा गया है। इसके लिए एक ठोस रूपांतरण सूत्र पेश किया गया है, जिसके तहत 600 लीटर इथेनॉल एक टन चीनी के बराबर माना जाएगा। केवल इथेनॉल बनाने वाली इकाइयां, जो गन्ना नहीं पेरतीं, उन्हें प्रदर्शन बैंक गारंटी से छूट दी गई है। यह एकल इथेनॉल क्षमता बढ़ाने की नीतिगत पहल है। मसौदे की धारा 6ए से 6जी में ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं, जो पुराने आदेश में नहीं थे। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लि. के एमडी प्रकाश नाइकनवारे ने कहा कि 1966 का आदेश इथेनॉल अर्थव्यवस्था से काफी पहले का था, इसलिए नए कानून की जरूरत थी।
तमिलनाडु में सत्ता बदलने का दावा, गोयल बोले- चार मई को पलानीस्वामी बनेंगे मुख्यमंत्री
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया है कि एआईएडीएमके नेता एडप्पडी के पलानीस्वामी 4 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले ढाई साल के काम का असर अब वोटिंग प्रतिशत में दिख रहा है। चुनाव में बढ़ती भागीदारी को उन्होंने बदलाव का संकेत बताया।
गोयल ने डीएमके सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया और कहा कि स्टालिन परिवार सत्ता से बाहर होगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी टीएमसी पर हमला करते हुए कहा कि वहां भी हालात खराब हैं। तमिलनाडु में शाम 5 बजे तक 82.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चुनौतियों से निपटने में तीनों सेनाओं के बीच समन्वय जरूरी : एडमिरल त्रिपाठी
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने हिंद-प्रशांत में उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल के बीच बेहतर तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी की आवश्यकता पर जोर दिया।
एडमिरल त्रिपाठी 21-22 अप्रैल को अंडमान और निकोबार कमांड के दो दिवसीय दौरे पर थे, जहां उन्होंने ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर संयुक्त अभियानों को मजबूत करने और सेवाओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा की। नौसेना प्रमुख ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र समुद्री सुरक्षा, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता के लिए बेहद अहम है, खासकर महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के पास होने के कारण।
एडमिरल त्रिपाठी ने तैनात कर्मियों से भी मुलाकात कर उनकी पेशेवर दक्षता और तत्परता की सराहना की। इससे पहले जनवरी में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कार निकोबार एयरबेस के उन्नत रनवे का उद्घाटन किया था, जिससे लंबी दूरी के अभियानों को गति मिलेगी।
भारत की भविष्य की जंग थिएटर कमांड, एआई और अंतरिक्ष प्रणालियों पर होगी निर्भर : भदौरिया
भारत की भविष्य की युद्ध क्षमता और रणनीति मुख्य तौर से थिएटर कमांड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अंतरिक्ष प्रणालियों के एकीकरण पर टिकी होगी। यह बात पूर्व भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में डेफ स्पेस संगोष्ठी में कही। उन्होंने बताया कि थिएटराइजेशन के तहत तीनों सेनाओं को एकीकृत कमांड में लाया जा रहा है, जिससे समन्वय और दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि थिएटरकरण की यह प्रक्रिया सेना के भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि सभी सैन्य सेवाओं को एक एकीकृत कमांड ढांचे के तहत लाने से युद्ध लड़ने की क्षमता में मौलिक सुधार होगा। भदौरिया ने कहा कि दुनिया एआई, डाटा और स्वायत्त संचालनों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि अगले 10 वर्षों में हम एआई-संचालित स्वायत्त हथियार प्रणालियां देख सकते हैं, जो युद्ध को पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी बना देंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध अंतरिक्ष-आधारित संपत्तियों और रीयल-टाइम इंटेलिजेंस पर अत्यधिक निर्भर होंगे।