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Updates: तेलंगाना सरकार में मंत्री बन सकते हैं अजहरुद्दीन; सीपीआई के विरोध के बाद केरल में पीएमश्री योजना रोकी

Wed, 29 Oct 2025 10:55 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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न्यूज अपडेट - फोटो : Amar Ujala
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कांग्रेस नेता और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को जल्द तेलंगाना कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। अभी मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी समेत 15 सदस्य हैं। अल्पसंख्यकों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
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तेलंगाना विधानसभा में 119 विधायक हैं और कैबिनेट में तीन और सदस्यों को शामिल करने की गुंजाइश है। बताया जा रहा कि तेलंगाना कांग्रेस ने पार्टी हाईकमान से अजहरुद्दीन को कैबिनेट में लेने का अनुरोध किया था, जिसे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने मंजूरी दे दी है। यह होता है तो वह रेवंत रेड्डी कैबिनेट में पहले अल्पसंख्यक मंत्री होंगे। यह कदम जुबली हिल्स उपचुनाव के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा, जहां एक लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को होने की संभावना है। अजहरुद्दीन को अगस्त में राज्यपाल कोटे से एमएलसी के रूप में नामित किया गया था, लेकिन राज्यपाल की मंजूरी अभी बाकी है।

सीपीआई के विरोध के बाद केरल में पीएम-श्री योजना पर रोक

सीपीआई के कड़े विरोध के बाद केरल की सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार ने केंद्र की पीएम-श्री योजना के क्रियान्वयन को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। बुधवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। हाल ही में पीएमश्री योजना से जुड़ा एमओयू नई दिल्ली में केरल और केंद्र सरकार के बीच हस्ताक्षरित हुआ था।

सीएम विजयन ने कहा कि योजना से जुड़े विवादों और चिंताओं को देखते हुए इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके लिए सात सदस्यीय कैबिनेट उपसमिति गठित की गई है। इस उपसमिति की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी करेंगे। इसमें मंत्री के. राजन, पी. राजीव, रोशी ऑगस्टिन, के. प्रसाद, के. कृष्णनकुट्टी और ए. के. ससीन्द्रन शामिल हैं।

ओडिशा: सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई यात्री बस, दो की मौत; सात घायल
ओडिशा के बालासोर जिले में बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि यह हादसा तब हुआ, जब एक यात्री बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई।

हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-60 पर जलेश्वर थाना क्षेत्र में हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोलकाता जा रही यह बस ओडिशा के ढेंकानाल जिले के नरसिंहपुर से आ रही थी। हादसे में बस के चालक और परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक चालक की पहचान कटक जिले के सालेपुर क्षेत्र के मीर अब्दुल रहीम (39 वर्षीय) और परिचालक की पहचान उसी जिले के महंगा इलाके केनरसिंह कठुआ (40 वर्षीय) के रूप में हुई है। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। घायलों को पास के जीके भट्टर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से दो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बालासोर जिला मुख्यालय अस्पताल में रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की जांच जारी है।

कर्नाटक: चित्तापुर में आरएसएस रूट मार्च को लेकर शांति बैठक बिना सहमति के समाप्त

चित्तापुर में दो नवंबर को आरएसएस के पथ संचलन (रूट मार्च) और अन्य नौ संगठनों की रैलियों के अनुमति को लेकर जिला प्रशासन की ओर से बुलाई गई शांति बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई। अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक कर्नाटक हाईकोर्ट की कलबुर्गी बेंच के निर्देश पर आयोजित की गई थी।

कलबुर्गी के उपायुक्त फौजिया तरनुम की अध्यक्षता में हुई बैठक में आरएसएस, भीम आर्मी, भारतीय दलित पैंथर्स, हसीरु सेना, कर्नाटक राज्य छलावादी क्षेमाभिवृद्धि संघ, कर्नाटक राज्य रैथा संघ और गोंडा कुरुबा एसटी होराता समिति समेत दस संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

अधिकारियों के अनुसार, कई संगठनों ने प्रस्ताव रखा कि आरएसएस अपने रूट मार्च में लाठी और भगवा झंडे के बजाय राष्ट्रीय ध्वज और संविधान की प्रस्तावना ले जाए। हालांकि, बैठक में शामिल आरएसएस प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। कुछ संगठनों ने आरएसएस को अनुमति देने का विरोध किया, क्योंकि यह एक पंजीकृत संगठन नहीं है। वहीं, अन्य ने चेतावनी दी कि लाठी लेकर मार्च करने से कानून व्यवस्था की समस्याएं और तनाव पैदा हो सकते हैं।

पूर्व मंत्री जेनिथ संगमा फिर से कांग्रेस में शामिल

मेघालय में कांग्रेस ने बुधवार को पूर्व मंत्री जेनिथ संगमा का तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने के एक दिन बाद पार्टी में स्वागत किया है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने मेघालय के प्रभारी एआईसीसी सचिव ए चेल्लाकुमार को लिखे पत्र में कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संगमा के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) में फिर से शामिल होने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मेघालय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विंसेंट एच पाला और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शिलांग में संगमा का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया। बता दें कि साल 2021 में जेनिथ संगमा अपने भाई और पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के साथ कांग्रेस छोड़ने के बाद टीएमसी में शामिल हुए थे।

तिरुप्पुर पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण

तमिलनाडु दौरे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को तिरुप्पुर को "उद्यमिता का प्रतीक" बताया और विश्वास व्यक्त किया कि यह कपड़ा केंद्र आने वाले वर्षों में अपने निर्यात को दोगुना कर देगा।

पड़ोसी तिरुप्पुर जिले में अपने गृहनगर की संक्षिप्त यात्रा पर राधाकृष्णन ने विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और अपने सम्मान में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी शामिल हुए। उपराष्ट्रपति ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए युवाओं से बिना विचलित हुए ध्यान और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्यों का पीछा करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, "तिरुप्पुर उद्यमिता का प्रतीक है और यह कपड़ा नगरी आने वाले वर्षों में अपने निर्यात को दोगुना कर देगी।" भव्य स्वागत के लिए लोगों का आभार व्यक्त करते हुए, राधाकृष्णन ने अपने जीवन को आकार देने में अपने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया।
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मणिपुर में दो उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार बरामद

मणिपुर के इंफाल पूर्व और पश्चिम जिलों से दो उग्रवादी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने बुधवार को बताया कि ये दोनों प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं और वसूली की गतिविधियों में शामिल पाए गए।

इंफाल पश्चिम जिले के मयंग में मंगलवार को प्रतिबंधित केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के 48 वर्षीय सदस्य को उनके घर से पकड़ा गया। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस उग्रवादी ने जिले की सरकारी स्कूलों से कथित तौर पर वसूली की थी। वहीं, इंफाल पूर्व जिले के लांगडुम में सोमवार को प्रतिबंधित पीपल्स लिबरेशन आर्मी के 43 वर्षीय सदस्य को गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने कहा कि उनके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद हुए।

इस बीच, सुरक्षा बलों ने मंगलवार को इंफाल पूर्व जिले के नागरियान हिल के तलहटी इलाके से हथियारों और गोला-बारूद का एक ढेर बरामद किया। ऑपरेशन के दौरान चार बंदूकें, हैंड ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद हुए। सुरक्षा बल मणिपुर में दो साल पहले हुए जातीय हिंसा के बाद से तलाशी अभियान चला रहे हैं। मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हुए। केंद्र ने 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया था, जब एन बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया। राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया, जिसका वर्तमान कार्यकाल 2027 तक है।
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