रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके बेटे अनंत अंबानी ने बेंगलुरु स्थित 'आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर' का दौरा किया। वे आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की 45वीं वर्षगांठ के खास समारोह में शामिल होने के लिए वहां पहुंचे थे। इस दौरान पिता-पुत्र ने फाउंडेशन के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। यह मुलाकात समारोह के मुख्य आकर्षणों में से एक रही।
बंगलूरू में 35 करोड़ की MDMA जब्त
बंगलूरू पुलिस ने शहर में प्रतिबंधित ड्रग MDMA की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से 17.5 किलोग्राम MDMA, दो कारें और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस को 11 मई को सूचना मिली थी, जिसके बाद आनंदनगर इलाके से तीन लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी दिल्ली से कम कीमत पर MDMA खरीदकर बेंगलुरु में महंगे दामों पर बेचते थे। बाद में चिक्कनायकनहल्ली स्थित एक घर से 10.12 किलोग्राम MDMA बरामद हुआ। जांच के दौरान हरियाणा और दिल्ली से चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 18 मई को हेनूर इलाके से आठवें आरोपी को पकड़ा गया, जिसके घर से 3.2 किलोग्राम MDMA मिला। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
तृणमूल ने मुख्य सचेतक पद से हटाया था, केंद्र ने सांसद काकोली घोष को दी सुरक्षा
लोकसभा में मुख्य सचेतक पद से हटाए जाने के बाद पहली बार खुलकर बयान देने वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद काकोली घोष दस्तिदार को केंद्र सरकार ने वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ने के बाद मध्यग्राम स्थित उनके आवास पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तैनात दिखाई दिए। वह बारासात संगठनात्मक जिला कार्यालय की बैठक में भी इसी सुरक्षा घेरे के साथ पहुंचीं, जिससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद सवाल उठने लगे हैं कि जहां एक ओर टीएमसी के कुछ नेताओं की सुरक्षा में कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर काकोली घोष दस्तिदार की सुरक्षा अचानक क्यों बढ़ाई गई है। हाल ही में उन्हें मुख्य सचेतक पद से हटाकर कल्याण बनर्जी को पद दिया गया था। इस परिवर्तन के बाद घोष ने लिखा था 76 से परिचय, 84 से साथ, चार दशकों की निष्ठा के लिए आज मुझे पुरस्कृत किया गया।
सवुक्कू शंकर की रिहाई का आदेश: तमिलनाडु सरकार ने वापस लिया गुंडा एक्ट के तहत हिरासत का फैसला
तमिलनाडु सरकार ने यूट्यूबर और सामाजिक आलोचक सवुक्कू शंकर के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत जारी निवारक हिरासत के आदेश को वापस ले लिया है। सलाहकार बोर्ड की समीक्षा में शंकर की हिरासत को जारी रखने के लिए पर्याप्त आधार न मिलने के बाद, गृह विभाग ने 19 मई को उनकी तत्काल रिहाई का आदेश जारी किया। हालांकि, उनकी वास्तविक रिहाई इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या वे अपने खिलाफ दर्ज अन्य लंबित आपराधिक मामलों में जमानत पा चुके हैं।