फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

News Updates: अरुणाचल प्रदेश में आंधी-तूफान, कार पर गिरा पेड़ PWD के इंजीनियर की मौत

Sat, 25 Apr 2026 11:23 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गुजरात के सूरत में अल्थान पुलिस थाने के अंतर्गत छेड़छाड़ के एक मामले के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। लोगों ने इस घटना के बाद थाने के बाहर नारेबाजी की। पुलिस ने बताया कि एक नाबालिग लड़की के साथ एक शख्स ने छेड़छाड़ की कोशिश की थी। 
विज्ञापन


डीसीपी निधि ठाकुर ने मामले के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ''अल्थान पुलिस थाने के पास रात करीब आठ बजे 15 साल की नाबालिग बच्ची के साथ कोचिंग से घर लौटते वक्त छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। स्कूटी पर जा रहे एक लड़के ने बच्ची के साथ छेड़खानी की। आरोपी हिरासत में हैं और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।'' 

उन्होंने कहा कि आरोपी के गैर-मजहब से होने की वजह से भीड़ काफी आक्रोशित थी। उन्होंने बताया कि अल्थान पुलिस थाने के बाहर करीब 400 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। उन्होंने कहा कि लोगों को समझा-बुझाकर वापस भेज दिया गया है और किसी भी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया है।
विज्ञापन

अरुणाचल प्रदेश- कार पर गिरा पेड़ PWD के इंजीनियर की मौत
इटानगर पुलिस ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक इंजीनियर की शनिवार सुबह उस समय मौत हो गई जब तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण पहाड़ी से उखड़ा एक पेड़ केई पन्योर जिले में उनकी कार पर गिर गया। केई पन्योर के एसपी अंगद मेहता ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के 43 वर्षीय कनिष्ठ इंजीनियर डेकेन सोरंग अपने ड्राइवर शान राय (36) के साथ इटानगर से पारसी पारलो जा रहे थे, तभी पेड़ उनकी कार पर गिर गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और सोरंग और राय दोनों को मलबे से निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। एसपी ने बताया कि राय को मामूली चोटें आईं, जबकि स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने सोरंग को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम किया जा चुका है और मृतक के परिवार के सदस्यों के समन्वय से आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

प्रख्यात दार्शनिक और पद्मश्री से सम्मानित मुनि नारायण प्रसाद का निधन

प्रख्यात दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरु मुनि नारायण प्रसाद का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे। वह वर्कला स्थित नारायण गुरुकुल के प्रमुख थे, जो समाज सुधारक श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं का प्रसार करता है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने आध्यात्मिक रास्ता चुना था। उन्हें वर्ष 2024 में पद्मश्री और केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और राज्यपाल ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

जस्टिस लिसा गिल बनीं आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की नई चीफ जस्टिस
जस्टिस लिसा गिल ने शनिवार को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) के रूप में शपथ ग्रहण की है। विजयवाड़ा के लोक भवन में आयोजित एक समारोह में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। जस्टिस लिसा गिल ने पूर्व चीफ जस्टिस (सेवानिवृत्त) धीरज सिंह ठाकुर का स्थान लिया है, जिनकी सेवानिवृत्ति के बाद यह पद खाली था। इस महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हाईकोर्ट के कई अन्य न्यायाधीश, वरिष्ठ वकील और अन्य कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

स्कूल में बासी खाने से छात्रा की मौत, एनएचआरसी ने मांगा जवाब
ओडिशा के मयूरभंज स्थित काकाबंध आश्रम स्कूल में बासी खाना खाने से एक छात्रा की मौत और 100 बच्चों के बीमार होने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मुख्य सचिव और मयूरभंज के एसपी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गंभीर रूप से बीमार 67 बच्चों को बारीपदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना की प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, मृतका के परिवार को 3 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। लापरवाही बरतने वाले हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है।

गेहूं-चावल कारोबारियों के 17 ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले ईडी ने शनिवार को राशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। बंगाल में चुनाव के बीच जांच एजेंसी की इस सक्रियता ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा समेत कई स्थानों पर की गई, जहां चावल कारोबारियों और कथित निर्यातकों के घरों व दफ्तरों की तलाशी ली गई। नौ कारोबारियों के ठिकानों के अलावा कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों को मिलाकर 17 जगहों पर कार्रवाई की गई।

ईडी की यह कार्रवाई कोरोना महामारी के दौरान उजागर हुए बड़े गेहूं तस्करी मामले से जुड़ी है। उस समय 171 ट्रक गेहूं जब्त किया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 करोड़ रुपये थी। आरोप है कि 5 हजार टन से अधिक गेहूं की हेराफेरी कर उसे अवैध रूप से बांग्लादेश भेजा जा रहा था। शुरुआती जांच कस्टम विभाग ने की थी, जिसे बाद में ईडी ने अपने हाथ में ले लिया। जांच में एफसीआई से जारी गेहूं के वितरण में गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है। एजेंसी को संदेह है कि आपूर्ति प्रणाली में हेरफेर कर बड़े पैमाने पर तस्करी और आर्थिक लाभ कमाया गया। जिन लोगों के नाम एक्सपोर्टर के रूप में सामने आए थे, उनके खिलाफ अब कार्रवाई तेज की गई है। ईडी के छापे के दौरान केंद्रीय बल भी साथ मौजूद थे।

झुग्गी बस्ती में आग लगने से बिजली तार जले, रेल सेवा पूरी तरह ठप
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के आक्रा-संतोषपुर इलाके में शनिवार दोपहर 16 बीघा में फैली झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई। हादसे में करीब 40 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। आग की चपेट में आकर रेलवे की ऊपर से जाने वाली विद्युत आपूर्ति तार भी जल गई। इस वजह से बजबज–सियालदह रेल लाइन पर उपनगरीय रेल सेवा पूरी तरह ठप होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। दमकल विभाग के मुताबिक आग बुझाने के लिए चार दमकल गाड़ियां मौके पर तैनात की गई हैं और अन्य गाड़ियां भी भेजी गई हैं। आग लगने के लिए शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट यानी बिजली की खराबी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे पटरी के किनारे बस्ती होने से आग तेजी से फैलती गई और रेलवे पटरी के बिजली के तार तक पहुंची। इस वजह से रेल परिचालन रोकना पड़ा। पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञ दल मौके पर पहुंच गया है और जल्द सेवा बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

यूजीसी की चेतावनी: डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े कॉलेजों में न लें दाखिला
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने छात्रों को फर्जी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से सावधान रहने को कहा है। आयोग ने राज्यों को पत्र लिखकर छात्रों को जागरूक करने का निर्देश दिया है। नए सत्र में दाखिला लेने से पहले छात्र कॉलेज की मान्यता, रैंकिंग और कोर्स की मंजूरी की जांच जरूर कर लें। यूजीसी की वेबसाइट पर सभी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े कॉलेजों की पूरी सूची मौजूद है।यूजीसी ने साफ किया है कि छात्र डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों से संबद्ध होने का दावा करने वाले कॉलेजों में प्रवेश न लें। ऐसे कॉलेजों से मिलने वाली डिग्रियां मान्य नहीं होती हैं। छात्र यह भी देख लें कि जिस विश्वविद्यालय कैंपस में वे पढ़ रहे हैं, वह उस डिग्री को देने के लिए अधिकृत है या नहीं।

दरअसल, कई कॉलेज निजी और मानित (डीम्ड) विश्वविद्यालयों के साथ समझौता करके डिग्री कोर्स चलाने का दावा करते हैं, जो पूरी तरह अवैध है। नियमों के मुताबिक, निजी विश्वविद्यालय यूजीसी की अनुमति के बिना कोई भी 'ऑफ-कैंपस', अध्ययन केंद्र या विस्तार केंद्र नहीं खोल सकते। यूजीसी समय-समय पर अपने पोर्टल पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची डालता रहता है। छात्र धोखाधड़ी से बचने के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
विज्ञापन

रिश्वतखोर सीडब्ल्यूसी मैनेजर के घर से लाखों की नकदी और गहने बरामद
सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में केंद्रीय वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन (सीडब्ल्यूसी) के एक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के ठिकानों पर हुई छापेमारी में 21 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में गहने और संपत्ति के कागजात मिले हैं। सीबीआई ने मैनेजर के घर से डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं। एजेंसी अब इस मामले में सीडब्ल्यूसी के दूसरे अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने एक ठेकेदार से काम जारी रखने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। अधिकारियों का कहना है कि मिले हुए दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

किताब विवाद पर बोले पूर्व सेना प्रमुख नरवणे: मुझे बिना वजह घसीटा गया
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने अपनी अप्रकाशित आत्मकथा फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी को लेकर हुए विवाद पर कहा कि उन्हें बेवजह इस मामले में घसीटा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्रालय की ओर से किताब की जांच के लिए प्रकाशन रोके जाने के बाद वह इस विषय को पीछे छोड़ चुके हैं। नरवणे ने बताया कि इस साल फरवरी में राहुल गांधी को लोकसभा में इस पुस्तक के अंश पढ़ने से रोका गया था, क्योंकि किताब प्रकाशित नहीं हुई थी। इस पूरे विवाद के बाद उन्होंने लेखन पर ध्यान केंद्रित किया और अब तक दो किताबें लिख चुके हैं, जबकि तीसरी जल्द आने वाली है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें