कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के आरोपों में कर्नाटक राज्य नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि यह कार्रवाई एक महिला सहकर्मी की ओर से 26 मार्च को उप्पलपेट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है। महिला का आरोप है कि रजिस्ट्रार उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था। डीसीपी यतीश एन के अनुसार, शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी को पहले नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब न मिलने पर उसे मंगलवार को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया गया। फिलहाल अदालत की निगरानी में मामले की जांच जारी है।
ओडिशा में नए सेप्टिक टैंक में दम घुटने से दो लोगों की मौत हो गई, दो अन्य बीमार
ओडिशा के संबलपुर जिले में नवनिर्मित सेप्टिक टैंक के अंदर दो लोगों की दम घुटने से मौत हो गई और दो अन्य बीमार पड़ गए। पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार को महुलपाली पुलिस थाना क्षेत्र के केसैबहाल गांव में घटी। मृतकों की पहचान सुशील नायक (40) और भिखारी चरण बेहरा (42) के रूप में हुई है। दोनों उसी गांव के निवासी थे। हेमंत बेहरा (48) और आनंद मांझी (39) के रूप में पहचाने गए दो अन्य लोग बीमार पड़ गए और कुचिंडा उप-मंडल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने बताया कि चार मजदूर नवनिर्मित सेप्टिक टैंक में उसके शटरिंग स्ट्रक्चर को तोड़ने के लिए दाखिल हुए। हालांकि, इसी दौरान नाइक को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। टैंक में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण चारों मजदूर बेहोश हो गए। दमकल कर्मियों ने बाद में चारों लोगों को बचाया और उन्हें पास के अस्पताल ले गए, जहां नाइक और भिखारी चरण बेहरा को मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि दोनों बीमार व्यक्तियों की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है।
40 फीसदी जिलों में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र नहीं
देश के करीब 40 फीसदी जिलों में एक भी सरकारी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र नहीं है। इसके कारण लाखों लोग उस हवा के बारे में सटीक जानकारी नहीं पा रहे, जिनमें वे सांस लेते हैं। वायु गुणवत्ता की निगरानी और प्रबंधन के समाधान विकसित करने वाली वैश्विक कंपनी एयरवॉइस की ओर से कराए गए अध्ययन में यह दावा किया गया है। भारत में वायु गुणवत्ता डाटा की उपलब्धता : वितरण, कमियां और नेटवर्क सहसंबंध नामक अध्ययन के निष्कर्ष मंगलवार को जारी किए गए। अध्ययन में तीन मुख्य निगरानी प्रणालियों मैनुअल राष्ट्रीय वायु निगरानी कार्यक्रम, सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क व वायु गुणवत्ता, मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) के 2025 तक के आंकड़ों का उपयोग किया गया। विश्लेषण में पाया गया कि दिल्ली, मुंबई व बंगलूरू जैसे शहरों में निगरानी कवरेज बेहतर है, तो मध्यम आकार के कई शहरों व लाखों की आबादी वाले बड़े जिलों में सिर्फ एक या दो स्टेशन हैं या नहीं हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश सहित कई घनी आबादी वाले राज्यों के जिलों में या तो निगरानी तंत्र खराब हैं या हर समय निगरानी नहीं होती। रिपोर्ट के मुताबिक, जहां स्टेशन मौजूद भी हैं, वहां विश्वसनीयता की समस्या है। निरंतर निगरानी स्टेशनों में से सिर्फ आधे ही लगातार स्थिर डाटा देते हैं, जबकि कई स्टेशन लंबे समय तक बाधित रहते हैं, या अधूरी रिपोर्टिंग करते हैं।
कुवैत से कोच्चि पहुंचे 20 भारतीय प्रवासियों के पार्थिव शरीर
पश्चिम एशिया के युद्ध हालातों के कारण कुवैत में फंसे 20 प्रवासियों के पार्थिव शरीर केरल पहुंचेंगे। सेवा व्यवधानों के चलते इस स्वदेश वापसी में काफी देरी हुई है। हवाई अड्डा प्रवक्ता ने बताया कि कुवैत एयरवेज की विशेष उड़ान (केयू5632) कोलंबो के रास्ते मंगलवार की देर रात कोच्चि पहुंचे। इस विमान में कोई यात्री सवार नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, मृतक केरल के कोझिकोड, अलाप्पुझा और कोट्टायम समेत तमिलनाडु के विभिन्न जिलों के निवासी हैं। हवाई अड्डा अधिकारियों ने पुष्टि की कि आगमन के तुरंत बाद एंबुलेंस के जरिये शवों को उनके पैतृक गांवों भेजा जाएगा। युद्ध की स्थिति के कारण यह प्रक्रिया पहले बाधित हो गई थी।
NSCN (K) पर लगा पांच साल का प्रतिबंध
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) ट्रिब्यूनल ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग) यानी NSCN (K) पर लगे पांच साल के प्रतिबंध की पुष्टि कर दी है। केंद्र सरकार ने इस संगठन, इसके सभी गुटों और शाखाओं पर यह पाबंदी लगाई थी। हाल ही में जारी एक अधिसूचना में इस आदेश की जानकारी दी गई है। ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी जस्टिस नेल्सन सैलो ने 19 मार्च को यह फैसला सुनाया। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि NSCN (K) की गतिविधियां भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए नुकसानदेह हैं। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य भारत से अलग होना है। ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि संगठन और इसके सदस्यों के काम करने के तरीके से कोई संदेह नहीं रह जाता कि वे भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हैं।
केंद्र सरकार ने इस उग्रवादी संगठन पर 28 सितंबर 2025 से पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया है। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत जब सरकार किसी संगठन को अवैध घोषित करती है, तो 30 दिनों के भीतर यह मामला ट्रिब्यूनल को भेजना जरूरी होता है। ट्रिब्यूनल यह जांच करता है कि क्या संगठन को अवैध घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रिब्यूनल ने अब सरकार के फैसले को सही माना है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सुधा मूर्ति की किताब का किया विमोचन, बोले- भारत लोकतंत्र की जननी,परंपराएं गहराई से जुड़ी
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को कहा कि भारत में लोकतांत्रिक परंपराएं लगातार, समावेशी और समाज में गहराई से जड़ें जमाए हुए हैं। संसद परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति की किताब टाइड्स ऑफ टाइम: भारत हिस्ट्री थ्रू मुरल्स इन पर्लियामेंट का विमोचन किया।
सुधा मूर्ति की यह किताब लोकसभा सचिवालय की ओर से प्रकाशित की गई है। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि वैशाली से लेकर दक्षिण भारत की कुदवोलई प्रणाली तक, भारत में लोकतंत्र की मजबूत परंपरा रही है। यह परंपराएं संवाद, सहमति और विविध विचारों के सम्मान पर आधारित हैं। यही कारण है कि भारत को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है।