हिंदी साहित्य के जासूसी और अपराध विषय पर कई कहानियां लिखने वाले वेद प्रकाश काम्बोज का छह नवंबर को रात 11:40 बजे निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। हाल ही में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वेद प्रकाश काम्बोज जी का प्रयोगधर्मी लेखन और साहित्य में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने अपने लेखन से हिंदी पल्प फिक्शन को एक नई दिशा दी और अपने विशेष अंदाज में पाठकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। विजय-रघुनाथ सीरीज के जनक और सिंगही सीरीज के माध्यम से 1960-90 के दशक में सफलता पाने वाले काम्बोज जी की रचनाएं आज भी लोकप्रिय हैं। उनकी पौराणिक और ऐतिहासिक रचनाओं में बाबा फरीद, विवेकानंद, महावीर जैन, गौतम बुद्ध, चाणक्य, चंद्रगुप्त, अशोक, और दयानंद सरस्वती जैसे महान व्यक्तित्वों पर आधारित कृतियां शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और इतिहास से पाठकों को परिचित कराया है। उनकी कृति ‘फिरंगिया ठग-गाथा’ और नवीनतम रचना 'गालिब बदनाम' अपने अनूठे विषय के कारण विशेष चर्चा में रहीं और पाठकों को अत्यधिक प्रभावित किया।
गुजरात में सामने आया जीका वायरस का केस
गुजरात के गांधीनगर में एक 70 वर्षीय वृद्ध जीका वायरस से पीड़ित मिला। हालांकि उसको इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बुजुर्ग के जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट चार दिन पहले आई थी, लेकिन पूरी तरह ठीक होने के बाद उसे अस्पताल से घर भेज दिया गया। विभाग के अनुसार सर्दी, बुखार और जोड़ों में दर्द के बाद 24 अक्तूबर को सत्तर साल के बुजुर्ग को गांधीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें अहमदाबाद स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया था। जीका वायरस के संदेह पर उनके नमूने पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) में भेज दिए गए। करीब चार दिन पहले एनआईवी से आई रिपोर्ट में जीका संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उसके निवास स्थान का दौरा किया। क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति में जीका संक्रमण का कोई लक्षण नहीं दिखा। उनके परिवार के सदस्यों के नमूने भी नकारात्मक निकले।
भूटान के पीएम बोले- हम भारत के साथ मिलकर समृद्ध होना चाहते हैं
भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे ने गुरुवार को भारतीय निवेशकों को अपने देश में उद्यमों के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पूर्वी भूटान और पूर्वोत्तर भारत को बाहरी दुनिया के सामने एक साथ प्रदर्शित करने पर जोर दिया। असम में एक कार्यक्रम में तोबगे ने कहा कि भूटानी लोगों को असम से प्रवेश करने के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अन्य देशों के पर्यटकों को इसकी आवश्यकता होती है। हम भारत के साथ मिलकर समृद्ध होना चाहते हैं। हम बांग्लादेश को बोल्डर निर्यात करते हैं, लेकिन हम कुछ वस्तुओं का भी निर्यात कर रहे हैं और हम इसे और बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भूटान को भारत से वस्तुएं और सेवाएं दोनों मिल रही हैं, जिसे और बढ़ाया जा सकता है।
आंध्र प्रदेश की गोदावरी नदी में प्रदूषण पर मांगी रिपोर्ट
आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी के प्रदूषित होने पर एनजीटी ने सख्ती जताई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक पैनल गठित करते हुए नदी के प्रदूषण पर रिपोर्ट तलब की है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने कहा कि राज्य के पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुर कस्बे की नगरपालिका पिछले कई वर्षों से नदी और उसके बाढ़ तट पर कचरा डाल रही है। न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने कहा कि पर्यावरण से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। मामले में आगे कोई कार्रवाई करने से पहले हम एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्राप्त करना उचित समझते हैं, जिसके लिए हम एक संयुक्त समिति का गठन कर रहे हैं। समिति में पश्चिम गोदावरी के जिला मजिस्ट्रेट, आंध्र प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) शामिल होंगे। एनजीटी ने कहा कि सीपीसीबी नोडल प्राधिकरण होगा और वह साइट का दौरा करने के बाद प्रासंगिक जानकारी एकत्र करेगा और दो महीने के भीतर चेन्नई में दक्षिणी क्षेत्रीय पीठ को रिपोर्ट देगा।
दो महिला कांस्टेबलों ने सेंट्रल जेल की छत से लगाई छलांग
अपने पुरुष सहकर्मी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार की गई दो महिला पुलिस कांस्टेबलों ने गुरुवार को उत्तरी गोवा के कोलवले स्थित सेंट्रल जेल की पहली मंजिल से छलांग लगा दी। जेल के अधिकारी ने बताया कि 23 साल की प्रीति चव्हाण और 21 वर्षीय तनिष्का चव्हाण को मामूली चोटें आई हैं। उन्हें मापुसा शहर के उत्तरी गोवा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कांस्टेबल प्रथमेश गावड़े की आत्महत्या के बाद अपराध शाखा ने चार नवंबर को दोनों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने 25 अक्तूबर को जुआरी ब्रिज से छलांग लगा दी थी। आत्महत्या करने से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो संदेश में गावड़े ने दो महिला कांस्टेबलों और एक अन्य व्यक्ति पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया था। गावड़े ने कहा था कि वह गंभीर मानसिक परेशानी के कारण यह कदम उठा रहा है।
तमिलनाडु के सरकारी स्कूल के शिक्षक की कक्षा में दिल का दौरा पड़ने से मौत
जिले के सुंदरपुर में पंचायत यूनियन मिडिल स्कूल में पढ़ाते समय 49 वर्षीय शिक्षक की हृदयाघात से मौत हो गई। यह घटना बुधवार दोपहर को हुई, जब अम्मापेट के पास भूडापडी गांव के निवासी एंटनी गेराल्ड को अचानक सीने में दर्द महसूस हुआ, वह बैठ गए और चौथी कक्षा के छात्रों के लिए कक्षा संचालित करते समय बेहोश हो गए। छात्रों ने तुरंत स्कूल के प्रधानाध्यापक को जानकारी दी, जिसके बाद तुरंत डॉक्टर के पास ले गए। जांच के बाद, डॉक्टर ने पुष्टि की कि गेराल्ड की पहले ही हृदयाघात से मृत्यु हो चुकी थी। स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने गुरुवार को गेराल्ड के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। शिक्षक और माता-पिता उस सुबह दिवंगत शिक्षक के समर्पण और अपने छात्रों और समुदाय के प्रति सेवा का सम्मान करते हुए उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए।
'ओआरओपी सशस्त्र बलों की भलाई के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है', प्रधानमंत्री मोदी बोले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि पूर्व सैनिकों के लिए ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना लागू करना देश की अपने नायकों के प्रति कृतज्ञता की पुष्टि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना की शुरुआत के 10 साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ओआरओपी सशस्त्र बलों की भलाई के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'आज ही के दिन, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) लागू किया गया था। यह हमारे सैनिकों और पूर्व सेवा कर्मियों के साहस और बलिदान के लिए एक श्रद्धांजलि थी, जिन्होंने हमारे राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। ओआरओपी को लागू करने का निर्णय इस लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने और हमारे नायकों के प्रति हमारे देश की कृतज्ञता की पुष्टि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।'
राष्ट्रपति मुर्मू आज INS विक्रांत पर सवार होकर देखेंगी समुद्री अभियान
भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज गोवा में ‘डे एट सी’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। यह जानकारी राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति में दी गई। विज्ञप्ति के अनुसार, इस दौरान भारतीय नौसेना के लड़ाकू विमानों की परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी आईएनएस हंसा पर उनकी अगवानी करेंगे
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर सवार होकर समुद्र में नौसेना के अभियानों को देखेंगी। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी आईएनएस हंसा (गोवा में नौसेना वायु स्टेशन) पर उनकी अगवानी करेंगे। राष्ट्रपति को 150 जवानों का दल औपचारिक सलामी देगा।
राष्ट्रपति मुर्मु इस दौरान बहु-क्षेत्रीय नौसेना अभियानों की पूरी शृंखला को देखेंगी
रक्षा मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रपति मुर्मु की यह पहली यात्रा है, जिसमें वे स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर सवार होकर बहु-क्षेत्रीय नौसेना अभियानों की पूरी शृंखला को देखेंगी। निर्धारित ऑपरेशनों में सतही जहाजों का संचालन, युद्धक कार्रवाई, पनडुब्बी अभ्यास, हवाई शक्ति प्रदर्शन होगा, जिसमें डेक आधारित लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों की उड़ान तथा नौसेना के विमानों का फ्लाईपास्ट शामिल है।
ओडिशा के जंगलों में क्षमता से अधिक हाथी, बढ़ा इंसानी संघर्ष
ओडिशा के जंगलों में हाथियों की आबादी इस कदर बढ़ रही है कि जंगल कम पड़ने लगे हैं। भोजन-पानी की तलाश में हाथी बस्तियों की ओर चले आते हैं, जिससे इंसानों के साथ उनका संघर्ष बढ़ रहा है। नतीजतन, उनकी मौत के आंकड़ों में भी इजाफा हुआ है। इससे चिंतित सरकार ने अब उनका समुचित प्रबंधन करना शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि अब विभाग कुछ हाथियों को सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है। बंगलूरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान के अध्ययन के अनुसार, ओडिशा के जंगलों में 1,700 हाथी स्थायी रूप से रह सकते हैं, लेकिन प्रदेश में लगभग 2,100 से अधिक हाथी हैं, जो क्षमता से 400 अधिक हैं।
पांच साल में 634 हाथियों की मौत
इस वर्ष नवीनतम गणना के अनुसार ओडिशा में कुल 2,098 हाथी हैं। आंकड़ों से यह भी पता चला है कि प्रदेश में 2018 से 2024 के बीच विभिन्न कारणों से 634 हाथियों की मौत हुई, जिसमें बिजली के झटकों के कारण 91 हाथियों की जान गई।