अवैध धन हस्तांतरण मामला- कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने दिया इस्तीफा
कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने अवैध धन हस्तांतरण मामले में बृहस्पतिवार को इस्तीफा दे दिया। अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री ने मुख्यमंत्री को त्यागपत्र सौंपते हुए कहा कि वह इस मामले में पाक-साफ साबित होंगे। चार बार के विधायक ने इस्तीफा देने से कुछ घंटे पहले कहा, किसी ने मुझ पर इस्तीफा देने का दबाव नहीं बनाया। उनके इस फैसले से सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को झटका लगा है। कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लि. से जुड़े अवैध धन हस्तांतरण का मामला उस वक्त प्रकाश में आया, जब इसके लेखा अधीक्षक चंद्रशेखर पी ने 26 मई को आत्महत्या कर ली और एक सुसाइड नोट छोड़ गए। नोट से पता चला कि राज्य संचालित निगम के 187 करोड़ रुपये उसके बैंक खाते से अवैध रूप से हस्तांतरित किए गए। इसमें से 88.62 करोड़ रुपये प्रसिद्ध आईटी कंपनियों और हैदराबाद स्थित एक सहकारी बैंक से संबंधित विभिन्न खातों में भेजे गए थे।
डोंबिवली फैक्टरी विस्फोट में मारे गए 10 में 4 लोगों की पहचान
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में केमिकल्स फैक्टरी में बीते महीने हुए भीषण विस्फोट के बाद मारे गए 10 लोगों में एक और मृतक की पहचान कर ली गई है। अबतक कुल चार मृतकों की पहचान हो चुकी है। डीएनए नमूने के आधार पर एक और शव की पहचान विशाल पोडवाल के तौर पर की गई है।
पन्नीरसेल्वम की एक होने की अपील अन्नाद्रमुक ने की खारिज
तमिलनाडु के पूर्व सीएम व अन्नाद्रमुक से बाहर किए गए नेता ओ पन्नीरसेल्वम ने अन्नाद्रमुक गुटों से पार्टी की मजबूती के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। हालांकि, पार्टी नेता व पूर्व राज्य मंत्री के पी मुनुसामी ने उनकी अपील को भ्रम पैदा करने की कोशिश कह खारिज कर दिया है। रामनाथपुरम से लोकसभा चुनाव हारने और पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी की अगुवाई वाले अन्नाद्रमुक के राज्य की सभी 39 सीटें हारने के बाद पन्नीरसेल्वम ने यह अपील की।
नाता प्रथा उन्मूलन के लिए केंद्र समेत चार राज्यों को नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बृहस्पतिवार को नाता प्रथा के उन्मूलन का आह्वान किया। आयोग ने इस बुरी परंपरा को लेकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात की सरकारों को नोटिस जारी किया। नाता प्रथा के तहत, राजस्थान के कुछ हिस्सों और मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात के आसपास के इलाकों में कुछ समुदायों में लड़कियों को कथित तौर पर स्टांप पेपर पर या किसी और तरह से शादी के नाम पर बेचा जाता है, जिसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं होती।