49वां अंतरराष्ट्रीय कोलकाता बुक फेयर (IKBF) सोमवार को खत्म हो गया। 22 जनवरी से शुरू हुआ बुक फेयर 12 दिन चला। आयोजकों ने बताया कि कोलकाता बुक फेयर में 12 दिनों में करीब 32 करोड़ रुपये की किताबें बिकीं। सॉल्ट लेक के सेंट्रल पार्क में लगे इस मेले में 1,000 से ज़्यादा किताबों के स्टॉल थे। पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड के जनरल सेक्रेटरी त्रिदिब चटर्जी ने बताया कि बुक फेयर में रिकॉर्ड 32 लाख लोग आए, जिसे लोगों की भीड़ के मामले में एशिया का सबसे बड़ा बुक फेयर बताया जा रहा है।
गिल्ड के प्रेसिडेंट सुधांशु शेखर डे ने कहा कि इस साल बिक्री का आंकड़ा पिछले साल के 23 करोड़ रुपये के आंकड़े से 15 प्रतिशत ज़्यादा रहा। पिछले संस्करण में लगभग 27 लाख लोग आए थे। इस बार मेले में अर्जेंटीना फोकल थीम देश था, जिसमें ब्रिटेन, स्पेन और फ्रांस के अलावा रूस, यूक्रेन और चीन ने भी हिस्सा लिया।
ईसीआई करेगा 24 फरवरी को राज्य निर्वाचन अधिकारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन
भारत का चुनाव आयोग ईएसआई 24 फरवरी, को राज्य निर्वाचन अधिकारियों एसईसी की एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। इसमें के सभी राज्यों और केंद्र शासित के राज्य निर्वाचन अधिकारियों के इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। यह नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। राष्ट्रीय एसईसी सम्मेलन 25 साल से ज़्यादा समय के बाद हो रहा है। पिछली बार ऐसा सम्मेलन 1999 में हुआ था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉक्टर. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ इसकी अध्यक्षता करेंगे। इस सम्मेलन में राज्य निर्वाचन अधिकारी अपने कानून विशेषज्ञ, टेक्निकल एक्सपर्ट के साथ हिस्सा लेंगे और अपने विचार रखेंगे। सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित चुनावों आयोगों के चीफ इलेक्शन ऑफिसर भी नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद ईसीआई और एसईसी के कामकाज में उनके अपने-अपने कानूनी फ्रेमवर्क के अंदर चुनावी प्रोसेस और लॉजिस्टिक्स के संबंध में तालमेल बनाना है।
इसमें भाग लेने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की मतदाता सूची एलिजिबिलिटी पर चुनावी कानूनों, ईसीआई द्वारा शुरू किए गए टेक्नोलॉजिकल इंटरवेंशन जैसे हाल ही में लॉन्च किए गए ई सी आई एन ई टी डिजिटल प्लेटफॉर्म और ईवीएम जैसे दूसरे विषय पर चर्चा सत्र में हिस्सा लेंगे। ईसीआई भारत के संविधान और देश के कानूनी फ्रेमवर्क के अनुसार इलेक्टोरल रोल तैयार करने और चुनाव कराने के अपने अनुभव से अपनी एक्सपर्टीज़ भी देगा।
दलित सांसदों ने बिरला से की पीठासीन अधिकारी को ‘यार’ कहने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
राजग में शामिल दलों के दलित सांसदों के एक समूह ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इशारे पर अपने समुदाय के पीठासीन अधिकारी का अपमान करने वाले विपक्षी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, दलित सांसदों ने बिरला से मुलाकात की और लिखित शिकायत दर्ज कराई कि मंगलवार को सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी को ‘यार’ कहकर अपमानित किया गया। मेघवाल ने कहा कि लोकसभा में इस तरह के शब्द का इस्तेमाल करके विपक्षी सदस्यों ने आसन का अपमान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि मंगलवार की कार्यवाही के दौरान आसन की ओर कागज फेंके गए। दलित लोकसभा सदस्य संध्या राय, जो अध्यक्षों के पैनल में भी शामिल हैं, ने दावा किया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इशारे पर टेन्नटी का अपमान किया गया।
भाषा थोपना कभी स्वीकार नहीं करेंगे तमिल लोग : जस्टिस आनंद
मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एन आनंद वेंकटेश ने कहा कि एक तमिल नागरिक भले ही स्वेच्छा से अन्य भाषाएं सीख रहा हो और दूसरी भाषाओं का विरोध न करता हो लेकिन अपने ऊपर कोई भाषा थोपे जाने को कभी स्वीकार नहीं करेगा। चेन्नई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा, मैंने हाल ही में अपने बेटे के साथ तमिल फिल्म पराशक्ति देखी, जिसमें 1960 के दशक के हिंदी विरोधी आंदोलन को दर्शाया गया है। फिल्म देखने के बाद मैंने बेटे से पूछा कि क्या वह भाषा संघर्ष के बारे में जानता है। जब उसने बताया कि उसे इसकी जानकारी नहीं है, तो मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई कि मैं अपने कर्तव्य में विफल रहा।
उन्होंने कुछ दिन पहले यहां कानून के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, यह इतिहास सभी को पता होना चाहिए। उन्होंने कहा, जैसा कि वरिष्ठ अधिवक्ता एनआर एलंगो ने कहा, हम सभी जानते हैं कि अंग्रेजी जाने बिना तमिलनाडु से बाहर निकलना मुश्किल है। एक तमिल भाषी अन्य भाषाओं का विरोध नहीं करता, बल्कि अपनी इच्छा से अन्य भाषाएं सीखता भी है। हालांकि, मेरी भाषा (तमिल) की प्राचीनता और उससे जुड़े मेरे गौरव को देखते हुए, यदि कोई मुझ पर कोई भाषा थोपता है, तो मैं उसे कभी स्वीकार नहीं करूंगा। उन्होंने कहा, गर्व से कहो कि मैं एक तमिल भाषी हूं, और जब भाषा का अपमान हो, तो आवाज उठानी चाहिए, और हर हाल में भाषा की रक्षा करना और उसे कभी न भूलना हमारा कर्तव्य है।
सात देशों की यात्रा के बाद धर्मशाला पहुंचा था चीनी नागरिक
मैक्लोडगंज में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे चीनी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। मंगलवार को धर्मशाला न्यायालय ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। बीते दिन ही पूछताछ में स्पष्ट हो गया था कि आरोपी चीनी पुलिस सेवा में रह चुका है। मंगलवार को पूछताछ में पता चला है कि चीनी नागरिक भारत आने से पहले मलयेशिया, इंडोनेशिया, अजरबैजान, तुर्की, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मिस्र की यात्रा कर चुका है।
कई देशों की यात्रा करने के बाद उसने भारत में प्रवेश के लिए नेपाल सीमा का सहारा लिया। एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि क्या इन देशों की यात्रा के पीछे कोई कॉमन पैटर्न है या फिर कुछ और। यानी अब यह मामला केवल अवैध प्रवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब इसमें जासूसी और स्थानीय लापरवाही के एंगल से भी जांच की जा रही है।
यूजीसी नियमों पर सुनील आंबेकर बोले-संघ समाज में एकता के पक्ष में
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यूजीसी नियमावली पर रोक लगाने के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन के वरिष्ठ नेता सुनील आंबेकर ने मंगलवार को कहा कि संघ समाज में एकता के पक्ष में है और इसे बनाए रखने के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह करेगा। केंद्र की तरफ से अधिसूचित नए नियम के तहत सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को भेदभाव के मामलों की जांच करने और समानता को बढ़ावा देने के लिए समता समितियां गठित करनी थीं।
शीर्ष कोर्ट ने यह कहते हुए इस पर रोक लगा दी थी कि ढांचा प्रथम दृष्टया अस्पष्ट है और अंततः यह समाज को विभाजित कर सकता है, जिसके खतरनाक प्रभाव होंगे। स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस के योगदान पर सवाल उठाने वालों की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि संघ को 100 साल बाद यह बताने की जरूरत नहीं है कि उसने देश की संप्रभुता और एकता को बनाए रखने के लिए क्या किया है।
उपलब्धि : एसएफडीआर तकनीक का सफल परीक्षण, लंबी दूरी की मिसाइलें बनाने में मिलेगी मदद
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मंगलवार को ओडिशा स्थित चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) में सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर) तकनीक का सफल परीक्षण किया। इसके साथ ही भारत उन चुनींदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के विकास के लिए आधुनिक प्रणोदन तकनीक है।
पारंपरिक मिसाइलें अंतिम चरण में अपनी गति खोने लगती हैं, लेकिन यह तकनीक मिसाइल को अंत तक तेज बनाए रखती है। इससे दुश्मन का लड़ाकू विमान चाहकर भी मिसाइल से बच नहीं सकता। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सुबह करीब 10:45 बजे किए इस परीक्षण में मिसाइल प्रणाली के सभी अंगों जैसे नोजललेस बूस्टर, फ्यूल फ्लो कंट्रोलर और रैमजेट इंजन ने सटीक प्रदर्शन किया।
राजनाथ ने दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी और इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर बताया। डीआरडीओ प्रमुख डॉक्टर समीर वी कामत ने भी वैज्ञानिकों की सराहना की है।
ब्रिटेन के दो पर्यटकों ने पुष्कर में लगाए फलस्तीन समर्थित स्टीकर, देश छोड़ने का आदेश
राजस्थान की तीर्थ नगरी पुष्कर में सार्वजनिक स्थलों पर फलस्तीन के समर्थन में स्टीकर चिपकाने पर ब्रिटेन के दो नागरिकों को भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया है। आरोपियों की पहचान लेविस और उनकी गर्लफ्रेंड अनेशी के रूप में हुई है, जो पर्यटन वीजा पर भारत आए थे। अधिकारियों के अनुसार, 21 जनवरी को पुष्कर में कई स्थानों पर इस्राइल- फलस्तीन संघर्ष से जुड़े स्टीकर चिपकाए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सीआईडी ने जांच शुरू की और इन दोनों विदेशी पर्यटकों के कृत्य को वीजा नियमों का उल्लघंन करार दिया। इन स्टीकरों में फलस्तीन को आजाद करो, इस्राइल का बहिष्कार करो जैसे संदेश लिखे थे। सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नोटिस जारी कर दोनों को देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
सीडीएस चौहान ने की भारत-आर्मेनिया संबंधों पर चर्चा
रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापक्यान से मिलकर द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने तथा दोनों देशों के सुरक्षा मामलों पर चर्चा की। जनरल चौहान के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल फिलहाल आर्मेनिया के आधिकारिक दौरे पर है। एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय ने कहा, दोनों में हुई चर्चा सुरक्षा मुद्दों पर रक्षा सहयोग की मजबूती पर केंद्रित रही। चौहान ने येरेवन स्थित राष्ट्रीय रक्षा अनुसंधान विवि (एनडीआरयू) का दौरा किया और वैश्विक सुरक्षा परिवेश में हो रहे बदलावों के प्रमुख निर्धारक के रूप में प्रौद्योगिकी उदय पर छात्रों को संबोधित किया।