टूलकिट मामले में दिशा रवि की गिरफ्तारी पर टाइम मैगजीन ने भी खबर छापी है। इसने किसान आंदोलन को भारत के सबसे बड़े आंदोलनों में एक बताया है। इसमें बताया गया है कि किस तरह दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि को गिरफ्तार किया और उस पर क्या आरोप लगाए गए। इसमें ग्रेटा थनबर्ग से दिशा के संपर्कों का भी जिक्र है।
टाइम के मुताबिक, दिशा ने ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट को शेयर किया। पत्रिका ने कई प्रबुद्ध लोगों से बातचीत भी की है। इसी बातचीत में एसओएएस यूनिवर्सिटी लंदन के सीनियर लेक्चरर सुबीर सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार का ऐसा कदम है जिसमें वह अंतर्राष्ट्रीय जगत की प्रतिक्रिया देखना चाहती है।
इस खबर को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया है जिसके बाद तमाम यूजर्स के कमेंट आए। इसमें पूरे प्रकरण को लेकर यूजर्स ने अपनी राय रखी। कुछ ऐसी ही प्रतिक्रियाएं पढ़ें।
एक यूजर ने लिखा, हां, इतिहास याद रखेगा कि दुनिया की लेफ्ट शक्तियां भारत की छवि को बर्बाद करने एक साथ आ गईं लेकिन ऐसा हो न सका। साथ ही कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के उस ट्वीट का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था- अगर दुनिया कोविड-19 पर जीत में सफल होती है तो ये भारत की क्षमता की वजह से ही होगा।
एक अन्य यूजर ने लिखा- नंगा कौन हो रहा है, दुनिया को दिख रहा है। अब समय आ गया है वैश्विक स्तर पर राजनीति में बदलाव लाने का, बल्कि शुरू हो चुका है।
एक यूजर डिंपी देवनाथ ने ट्वीट किया- लोग इसकी बात क्यों नहीं कर रहे हैं, दुनिया इस चेहरे पर चुप क्यों है? इस ट्वीट में दिशा रवि के साथ 21 साल के अंकुश ठाकुर का फोटो है जो गलवान घाटी में शहीद हो गए थे।
उत्तम नाम के यूजर ने लिखा- सहमत, दुनिया देख रही है, किस तरह देश में अपना हित देखने वाली पार्टी सरकार से उलझ रही है और देश में हंगामा खड़ा कर रही है। अपने मन मुताबिक काम न होने पर ये सब किया जा रहा है। देश के खिलाफ साजिश करने वालों के बारे में इतिहास में काले और साफ शब्दों में लिखा जाएगा।
एक अन्य यूजर लोकेश ने लिखा - भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ अकेले लड़ाई लड़ी है। दुनिया ने दशकों से इसे मूकदर्शक बनकर देखा है। मौजूदा सरकार ने देश के दुश्मनों को हराने की इच्छाशक्ति दिखाई है। चाहे पाकिस्तान हो, चीन, खालिस्तान, राष्ट्रविरोधी या अन्य बाहरी ताकतें हों, सबको सबक सिखाया जाएगा।
एक यूजर ने ट्वीट किया- कोई याद नहीं रखेगा कि कांग्रेस ने किस तरह इतिहास लिखा। उन्होंने दिखाया कि अकबर महान था, लेकिन महाराणा प्रताप नहीं।
यूजर तपन सिंघल ने लिखा- भारत के सियासी मुद्दे का अंतरराष्ट्रीय करण हो चुका है। हमें नहीं पता कि जो बाइडन सहित पश्चिम किस तरह अपना फायदा उठाएंगे।