न्यूयॉर्क के ब्रूकलिन मेट्रो स्टेशन पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं। अभी इस मामले की जांच चल रही है। हालांकि, अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इसे अभी आतंकी हमला नहीं माना है।
अमेरिका के न्यूयॉर्क के 'ब्रूकलिन' में मंगलवार को हुई गोलीबारी की खौफनाक घटना ने सबको हैरान कर दिया है। अपराधियों का पता लगाने के लिए न्यूयॉर्क पुलिस आयुक्त, न्याय विभाग, एफबीआई व एनवाईपीडी मिलकर काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ यदि दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की बात करें तो यह पूरी तरह अभेद्य नजर आती है। गत शनिवार को रिकॉर्ड 44 लाख यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो में सफर किया था। सीआईएसएफ के 12 हजार जवान दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के 249 स्टेशनों की रखवाली कर यात्रियों को आतंकवाद रोधी सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं।
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न्यूयॉर्क मेट्रो पर हमले को आतंकी घटना नहीं माना
न्यूयॉर्क के ब्रूकलिन मेट्रो स्टेशन पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं। अभी इस मामले की जांच चल रही है। हालांकि, अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इसे अभी आतंकी हमला नहीं माना है। यह किसी सिरफिरे द्वारा की गई वारदात हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन गोलीबारी के इस मामले की जांच पर नजर रखे हैं। बाइडन का कहना है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को जल्द खोज निकाला जाएगा।
अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हो सकी है, इसलिए वारदात के पीछे क्या मकसद है, इस बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। इस वारदात में 16 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि न्यूयॉर्क पुलिस ने 10 लोगों को गोली लगने की बात स्वीकार की है। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई थी। आरोपी ने ट्रेन के 36 स्ट्रीट सब-वे स्टेशन पर पहुंचते ही स्मोक बम से वहां धुआं फैला दिया था। धुएं के चलते किसी को कुछ दिखाई नहीं दिया और तभी आरोपी ने मेट्रो स्टेशन पर गोलीबारी कर दी और मौके से भाग निकला।
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दिल्ली मेट्रो में पूरी सुरक्षा : डीआईजी पांडे
न्यूयॉर्क मेट्रो पर हमले को लेकर बुधवार को दिल्ली मेट्रो के यात्री कर चर्चा कर रहे थे। दिल्ली मेट्रो में गत शनिवार को 44 लाख यात्रियों ने सफर किया है, उनकी सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ के डीआईजी डॉ. अनिल कुमार पांडे (ऑपरेशन) से बात की गई। उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ज्यादा कुछ नहीं बताया, लेकिन कहा कि दिल्ली मेट्रो में औसतन 30-32 लाख यात्री सफर करते हैं। गत शनिवार को रिकॉर्ड बन गया था। एक दिन में 44 लाख यात्रियों ने इसमें सफर किया। ये अपने आप में एक बड़ी बात है। सुरक्षा का चैलेंज रहता है, मगर सीआईएसएफ द्वारा अपने मौजूदा संसाधनों की मदद से मेट्रो और उसके यात्रियों को फूलप्रूफ सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। सीआईएसएफ का अपना एक मजबूत नेटवर्क है। लगभग 12 हजार जवान मेट्रो की सुरक्षा को अभेद्य बनाते हैं। इसमें स्क्रीनिंग के अलावा क्यूआरटी और अन्य कई टीमें होती हैं।
दिल्ली मेट्रो में हथियार लेकर घुसने के हुए प्रयास
डीआईजी पांडे के अनुसार कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं कि कोई व्यक्ति हथियार या गोला बारूद लेकर दिल्ली मेट्रो स्टेशन में घुसने का प्रयास करता है। सीआईएसएफ उसे स्क्रीनिंग बेस पर ही पकड़ लेती है। पिछले माह हजरत निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने 21 वर्षीय एक व्यक्ति को पकड़ा था। आगरा के रहने वाले उस व्यक्ति के बैग से एक देशी पिस्तौल बरामद हुई थी।
डॉ. अनिल पांडे के मुताबिक, सीआईएसएफ अपने यात्रियों को फूलप्रूफ सुरक्षा मुहैया कराती है। हर यात्री की और उसके सामान की पुख्ता जांच होती है। अगर कहीं पर कोई संदिग्ध बात नजर आती है तो फूलप्रूफ सुरक्षा, स्क्रीनिंग, प्रोफाइलिंग, रेस्पांस और काउंटर, इन सबकी मदद से उस पर काबू पा लिया जाता है। प्रशिक्षित डॉग, महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग से अल्फा टीम और विशाल सीसीटीवी नेटवर्क, इसके लिए कोई भी संदिग्ध दिल्ली मेट्रो स्टेशन के भीतर प्रवेश नहीं कर सकता।
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क को आतंकवाद रोधी सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी भी सीआईएसएफ की है। इसके लिए समय समय पर विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर मॉक ड्रिल की जाती है। गत माह दिल्ली हाट आईएनए मेट्रो स्टेशन पर बहु एजेंसी आतंकवाद रोधी 'मॉक ड्रिल' आयोजित की गई थी। मॉक ड्रिल में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट की स्थिति में यात्रियों और मेट्रो कर्मियों को कैसे बचाया जाए, यह विषय शामिल किया गया था। सीआईएसएफ कर्मियों पर फायरिंग करने के अलावा, आतंकी किसी व्यक्ति को बंधक बना लेते हैं तो उस स्थिति में सीआईएसएफ कैसे काउंटर करती है, ये सब ड्रिल का हिस्सा रहा है।