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कश्मीर में एयर कनेक्टिविटी को नई उड़ान: बनेगा वर्ल्ड क्लास टर्मिनल, यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

Tue, 24 Feb 2026 07:37 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 12,236 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें श्रीनगर एयरपोर्ट पर नया इंटीग्रेटेड टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इस प्रोजेक्ट पर 1,667 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे जम्मू-कश्मीर में टूरिज्म और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
 
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श्रीनगर एयरपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। श्रीनगर एयरपोर्ट पर एक नया एकीकृत टर्मिनल बनाया जाएगा। जिस पर 1,667 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के पूरा होने से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से यात्रियों की आवाजाही भी आसान होगी।

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, आर्थिक मामलों की कैबिनेट ने श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सिविल एन्क्लेव के विकास को मंजूरी दी है। नई सिविल एन्क्लेव परियोजना 73.18 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसमें अत्याधुनिक टर्मिनल भवन बनाया जाएगा। जिसका कुल क्षेत्रफल 71,500 वर्ग मीटर होगा। इसमें 20,659 वर्ग मीटर का मौजूदा ढांचा भी शामिल है। नया टर्मिनल व्यस्त समय में 2,900 यात्रियों को संभाल सकेगा। इसकी सालाना क्षमता 10 मिलियन यात्रियों की होगी। इस विस्तारित क्षेत्र में 15 विमानों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसमें बड़े विमानों के लिए अलग से पार्किंग स्थान होगा। इनमें नौ मौजूदा और छह नए प्रस्तावित पार्किंग स्थान शामिल हैं। 3,658 मीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी रनवे का संचालन भारतीय वायु सेना द्वारा जारी रहेगा। परियोजना के तहत एक हजार कारों की क्षमता वाला पार्किंग परिसर भी बनाया जाएगा।

दिखेगी कश्मीरी संस्कृति की झलक
नया टर्मिनल को वास्तु के मुताबिक तैयार किया जाएगा। इसमें आधुनिक डिजाइन के साथ कश्मीर की पारंपरिक संस्कृति का मेल दिखाई देगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टर्मिनल में बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इसमें आसान चेक इन प्रक्रिया, बड़े प्रतीक्षालय और आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं होंगी, ताकि सभी काम सुचारू तरीके से चल सकें। नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल के निर्माण में पर्यावरण का खास ध्यान रखा गया है। इसमें बारिश के पानी को संग्रह करने की आधुनिक व्यवस्था होगी। पूरे परिसर का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि अधिकतम प्राकृतिक रोशनी अंदर आ सके। इससे बिजली की खपत कम होगी। साथ ही स्थानीय और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।
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बुनियादी ढांचा मजबूत होने के साथ यह परियोजना पर्यटन और आर्थिक विकास को भी रफ्तार देगी। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से डल झील, शंकराचार्य मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और श्रीनगर एक प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्र के रूप में और मजबूत होगा। यह हवाई अड्डा भारतीय वायु सेना के बडगाम एयरबेस के भीतर स्थित है। इसका संचालन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा जा रहा है। वर्ष 2005 में इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिया गया था। यह हवाई अड्डा श्रीनगर शहर से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नई परियोजना के दायरे में सुरक्षा कर्मियों के लिए बैरकों के निर्माण का प्रावधान भी शामिल है।

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