प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी (उत्तराउला) बलरामपुर और उनकी पत्नी रोजी सलमा पर शिकंजा कस दिया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने 8.24 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत विशेष न्यायाधीश, सीबीआई/ईडी, न्यायालय संख्या 2, लखनऊ के समक्ष दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोग शिकायत दर्ज की है।
ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरिफ अनवर हाशमी और उनके सहयोगियों के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। उचित जांच के बाद, उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरिफ अनवर हाशमी और अन्य के खिलाफ अवैध अतिक्रमण, जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के अपराधों को साबित करते हुए कई आरोपपत्र दायर किए हैं।
जांच के दौरान सामने आया कि आरिफ अनवर हाशमी और उनकी पत्नी रोजी सलमा के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में असंतुलित नकदी जमा हुई है। आरोपियों ने इस आय के पक्ष में जो दस्तावेज दिए, वे नाकाफी थे। बताई गई आय के स्रोतों से वे बिल्कुल मेल नहीं खा रहे थे। जांच एजेंसी ने पूर्व विधायक और उनकी पत्नी को नकदी जमा के स्रोत को सही ठहराने के कई अवसर दिए, लेकिन वे असमर्थ रहे। नकदी जमा में अचल संपत्तियों की खरीद के लिए इस्तेमाल की गई धनराशि भी शामिल है।
ईडी ने 24.09.2024 के अनंतिम कुर्की आदेश के तहत आरिफ अनवर हाशमी और उनकी पत्नी रोजी सलमा की 8.24 करोड़ रुपये मूल्य की कृषि भूमि, आवासीय भूखंड और फ्लैटों सहित 21 अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया था। ये संपत्तियां उत्तर प्रदेश के बलरामपुर, लखनऊ और गोंडा जिलों में स्थित हैं। कुर्क की गई संपत्तियां पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध के कृत्यों से प्राप्त अपराध की आय से अधिग्रहित की गई थीं। पीएमएलए के तहत न्याय निर्णायक प्राधिकारी ने गत वर्ष तीन मार्च के आदेश द्वारा उपरोक्त कुर्की आदेश की पुष्टि की है।