रेल यात्रियों को अब रफ्तार का भार भी देने को तैयार रहना होगा। रेलवे ने सीधे तरीके से यात्रा किराया न बढ़ा कर अप्रत्यक्ष रूप से यात्रियों की जेब ढील करने की तैयारी कर ली है। मिशन रफ्तार के तहत रेलवे ने सभी ट्रेनों की गति बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही उसने अपनी कमाई बढ़ाने और यात्रियों की जेब ढीली करने का तरीका ढूंढ लिया है। नई समय सारणी में 74 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही इन्हें मेल/एक्सप्रेस श्रेणी से निकाल कर सुपरफास्ट श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। लिहाजा अब इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए यात्रियों को सुपरफास्ट किराया के रूप में 15 से 75 रुपये अतिरिक्त देना होगा।
नई समय सारणी के अनुसार रामनगर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, गोरखपुर-अमृतसर एक्सप्रेस, दिल्ली-सराय रोहिल्ला-भगत की कोठी एक्सप्रेस, बांद्रा टर्मिनल-दिल्ली-सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस, ओखा-वाराणसी एक्सप्रेस, कानपुर-अमृतसर एक्सप्रेस, बरेली-बड़वाली एक्सप्रेस समेत कुल 74 ट्रेनों को सुपरफास्ट किया गया है। अब इन ट्रेनों में सुपरफास्ट सरचार्ज व आरक्षित कोच में बैठने के लिए अलग से लगने वाला शुल्क भी देना होगा। मासिक पास वाले यात्री इन ट्रेनों में यात्रा नहीं कर सकेंगे।
बता दें कि सुपरफास्ट ट्रेन का टिकट लेने पर अलग से सुपरफास्ट चार्ज देना पड़ता है। अगर आप सेकेंड क्लास जनरल का टिकट लेंगे तो 14 रुपये, स्लीपर क्लास का टिकट लेते हैं तो 30 रुपये, एसी थ्री व एसी चेयर कार का टिकट लेते हैं तो 45 रुपये, एसी टू व एसी फर्स्ट का टिकट लेते हैं तो बतौर सुपरफास्ट चार्ज 45 से 75 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते हैं।