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कृषि मंत्रालय में नया नियम: समारोह की शुरुआत पौधारोपण से,क्यों शिवराज ने कहा स्वागत में नहीं लूंगा फूल माला?

Thu, 19 Feb 2026 10:00 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, यह कार्यक्रम किसी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि इस अभियान को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए है। जब कृषि विभाग जैसा बड़ा तंत्र हर कार्यक्रम की शुरुआत पेड़ लगाकर करेगा, तो बड़ी संख्या में पौधे अपने आप लगते जाएंगे और किसी भी कार्यक्रम की इससे अच्छी शुरुआत नहीं हो सकती।
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 केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के 'एक पौधा प्रति दिन' संकल्प के पांच साल पूरे होने पर गुरुवार को दिल्ली के पूसा स्थित एपी शिंदे हॉल में एक विशेष कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर मंत्री चौहान ने कहा, अब उनके विभागों के सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत पौधा लगाकर की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील कि उन्हें स्वागत में स्मृति चिन्ह देने के बजाय पेड़ लगाकर उसकी फोटो भेंट करें। मंत्री ने कार्यक्रम में पेड़ बैंक और अंकुर जैसे नए मंच बनाने का विचार भी रखा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान से जुड़ सकें।

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मंत्री शिवराज ने कहा, उनका यह संकल्प किसी एक दिन की भावना से नहीं बना, बल्कि कई वर्षों से बनी पर्यावरण सोच का नतीजा है। मैंने 2017 में नर्मदा सेवा यात्रा निकली थी। इसके समापन पर मध्य प्रदेश में 6 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए। इससे नदी, जंगल और जलवायु बचाने का काम लोगों का आंदोलन बन गया। इसके बाद अंकुर अभियान शुरू किया गया। इसमें लोगों को पौधा लगाकर उसकी फोटो या सेल्फी पोर्टल पर अपलोड करने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने के लिए कहा गया। इस अभियान के जरिए करीब 1 करोड़ पौधे लगाए गए और समाज के कई वर्ग इससे जुड़े है।धीरे-धीरे यह पहल मध्य प्रदेश से आगे बढ़कर देश और विदेश तक फैल गई। अब लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह और दूसरे खास मौकों पर पौधा लगाकर इसे अपना व्यक्तिगत उत्सव भी बना रहे हैं।

हर कार्यक्रम का श्रीगणेश होगा पौधारोपण से

  • कृषि मंत्रालय के सभी कार्यक्रमों की शुरुआत पौधारोपण से होगी।
  • आईसीएआर के तहत होने वाले हर कार्यक्रम, सेमिनार, सम्मेलन और समारोह की शुरुआत भी पेड़ लगाकर ही की जाएगी।
  • कृषि विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में भी पहले पेड़ लगाए जाएंगे। छात्रों से यह संकल्प दिलाया जाएगा कि वे जीवन भर अपने जन्मदिन पर पौधा लगाएंगे।
  • केवीके, एग्रीकल्चर कॉलेज और रिसर्च से जुड़े हर आयोजन में पेड़ लगाना अब शुरुआत में जरूरी होगा।

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शिवराज सिंह चौहान ने कहा, अब वे अपने स्वागत में माला, पटका या स्मृति चिन्ह नहीं लेंगे। अगर कोई उनका स्वागत करना चाहता है, तो पांच सौ रुपये के गिफ्ट की जगह पांच पौधे लगाए और उनकी फोटो दे यही उनके लिए असली सम्मान होगा। उन्होंने पेड़ बैंक का विचार भी रखा, जिसमें लोग पैसे देकर पौधे लगवा सकें और एक संस्था पौधे लगाने व उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ले। साथ ही उन्होंने अंकुर/संभावना जैसे राष्ट्रीय मंच का सुझाव दिया, जहां लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी खास दिन पर पेड़ लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकें। बदले में उन्हें पेड़ की फोटो और जगह की जानकारी मिले।

इस अभियान से जुड़ने के लिए लोगों के लिए एक मिस्ड कॉल नंबर तय किया जाए। जो भी व्यक्ति उस नंबर पर मिस्ड कॉल दे या मैसेज भेजे, उसके लिए आगे चलकर कार्यक्रम, सामूहिक पौधारोपण और प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां कराई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन मजबूरी नहीं, बल्कि खुद की इच्छा और प्रेरणा से आगे बढ़ना चाहिए। चौहान ने बताया कि पेड़ लगाना भी सेवा है, क्योंकि पेड़ ऑक्सीजन देते हैं, जीव-जंतुओं को आश्रय देते हैं और बारिश व नदियों जैसी जीवन-श्रंखला को बचाते हैं।
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