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महाराष्ट्र सरकार ने घटाई कोरोना जांच की कीमत, अब इतनी होगी कीमत

Tue, 15 Dec 2020 10:14 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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उद्धव ठाकरे - फोटो : पीटीआई
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महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को आरटी पीसीआर परीक्षण दर में 280 रुपये की कमी करके राज्य की जनता को बड़ी राहत दी है। बता दें कि राज्य में आरटी पीसीआर जांच की कीमत पहले 980 रुपये थी, जोकि अब घटकर 700 रुपये हो गई है।

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वहीं दूसरी ओर कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए महाराष्ट्र विधानसभा का निचला सदन और उच्च सदन 1 मार्च 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 

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ओबीसी कोटे से छेड़छाड़ नहीं होगी : ठाकरे

इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को विधानसभा में आश्वासन दिया कि मौजूदा ओबीसी कोटा बरकरार रहेगा और ओबीसी कोटे में मराठाओं को शामिल करने की अफवाह फैला कर समाज में भेदभाव पैदा करने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ठाकरे ने कहा कि शिवसेना ने हिंदुत्व को नहीं छोड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, प्राचीन संस्कृति और परम्पराओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार और रख रखाव का काम करेगी।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी और मंदिरों की पहचान करने में विपक्ष को भी मदद करनी चाहिए। भाजपा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना से यह सिद्ध होता है कि हमने हिंदुत्व को नहीं छोड़ा है।

ठाकरे ने स्पष्ट किया कि ओबीसी कोटे से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मराठाओं को ओबीसी कोटे में आरक्षण देने की अफवाह फैलाकर समाज में भेदभाव फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा ऐसी अफवाह फैला रही है कि मराठाओं को ओबीसी कोटे में से आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मराठा कोटे के लिए कानूनी लड़ाई अंतिम चरण में है। हमने मराठा कोटा पर न तो अपनी कानूनी टीम बदली है, न रुख बदला है। हम कानूनी लड़ाई जीतेंगे।
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मुनगंटीवार ने अजित पवार को भाजपा के साथ की याद दिलाई

महाराष्ट्र विधानसभा में चर्चा के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री अजित पवार को याद दिलाया कि पिछले साल वह कम समय के लिए ही सही, भाजपा के साथ आए थे। अनुपूरक मांग पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के एक सदस्य द्वारा टोके जाने पर मुनगंटीवार विचलित हो गए।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में जो मेरे भाषण के दौरान मुझे टोकता है और व्यवधान उत्पन्न करता है वह दोबारा चुन कर नहीं आता। इस पर अजित पवार ने कहा कि अजित पवार आपकी चुनौती को स्वीकार करता है। अगले चुनाव में मुझे हराकर दिखाइए।

राकांपा नेता की चुनौती पर मुनगंटीवार ने तुरंत जवाब दिया कि दो प्रकार की हार होती है। एक लोकतांत्रिक (चुनाव में) हार होती है और एक वैसी होती है जैसी 23 नवंबर 2019 को हुई थी। गौरतलब है कि 23 नवंबर 2019 को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की और अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी।

हालांकि बहुमत के अभाव में उनकी सरकार तीन दिन में ही धराशायी हो गई थी और शिवसेना की अगुवाई में एमवीए सरकार बनी थी।
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