नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर चल रहे बवाल के बीच तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने विपक्षी दलों पर पलटवार किया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि उन्हें तेलंगाना सचिवालय के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। इसका हाल ही में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने हैदराबाद में उद्घाटन किया था।
सुंदरराजन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि उन्हें निमंत्रण भी नहीं दिया गया था, क्योंकि मुख्यमंत्री राज्य में शासन कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष राष्ट्रपति को एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति के रूप में देखता है तो राज्यपालों के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जाता।
तेलंगाना की राज्यपाल और पुडुचेरी की उपराज्यपाल ने कहा कि हाल ही में तेलंगाना सचिवालय भव्य रूप से बनाया गया। इसका उद्घाटन सीएम ने किया था। सभी ने सवाल किया कि क्या राज्यपाल को आमंत्रित किया गया था। जवाब मिला- नहीं, क्योंकि राज्य में सीएम शासन कर रहे हैं। उस समारोह के लिए मुझे न्यौता तक नहीं दिया गया था। अगर विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रपति एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति हैं तो आप राज्यपालों के लिए ऐसा क्यों नहीं कहते हैं?
उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें जो अपने-अपने राज्यों में राज्यपालों का सम्मान नहीं करती हैं, घड़ियाली आंसू बहा रही हैं कि नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया गया है। मुझे तेलंगाना नए सचिवालय के उद्घाटन के लिए न तो सूचित किया गया और न ही आमंत्रित किया गया।
सुंदरराजन की टिप्पणी 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर चल रहे विवाद के बीच आई है। इस उद्घाटन समारोह का विरोध करते हुए कम से कम 21 विपक्षी दलों ने कार्यक्रम के बहिष्कार करने का फैसला किया है। उनकी मांग है कि इसका उद्घाटन पीएम की जगह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए।