फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

New Parliament Building: नए संसद भवन के उद्घाटन पर 75 रुपए का सिक्का जारी करेगी सरकार, जानिए क्या है इसमें खास

Fri, 26 May 2023 09:07 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सिक्के पर सत्यमेव जयते लिखा होगा और साथ ही सिक्के पर अशोक स्तंभ भी उकेरा जाएगा। सिक्के की बांयी तरफ देवनागरी भाषा में भारत और इंग्लिश में इंडिया लिखा होगा।
विज्ञापन
नया संसद भवन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वित्त मंत्रालय गुरुवार को संसद भवन की नई इमारत के उद्घाटन के उपलक्ष्य में 75 रुपए का सिक्का जारी करने का एलान किया है। इस सिक्के पर नए संसद भवन परिसर की तस्वीर छपी होगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को नए संसद भवन परिसर का उद्घाटन करेंगे। 

विज्ञापन


जानिए कैसा होगा 75 रुपए का सिक्का
वित्त मंत्रालय ने जो नोटिस जारी किया है, उसके मुताबिक यह 75 रुपए का सिक्का गोलाकार होगा और इसका क्षेत्रफल 44 मिलीमीटर होगा। इस सिक्के के किनारों पर 200 कंगूरे बनाए गए हैं। इस सिक्के को 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, पांच प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जिंक से मिलाकर बनाया जाएगा। 

सिक्के पर सत्यमेव जयते लिखा होगा और साथ ही सिक्के पर अशोक स्तंभ भी उकेरा जाएगा। सिक्के की बांयी तरफ देवनागरी भाषा में भारत और इंग्लिश में इंडिया लिखा होगा। उसी तरह सिक्के के ऊपरी तरफ देवनागरी भाषा में संसद भवन लिखा होगा और साथ ही इसके नीचे संसद भवन परिसर की तस्वीर छपी होगी। सिक्के का डिजाइन संविधान की पहली अनुसूची के अनुसार किया गया है। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन

coin - फोटो : सोशल मीडिया
विपक्षी पार्टियां नहीं होंगी शामिल
बता दें कि 10 दिसंबर 2020 को नए संसद भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था। संसद भवन के नए परिसर के निर्माण में 861 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान था लेकिन बाद में इसके निर्माण में 1200 करोड़ रुपए खर्च हुए। हालांकि संसद भवन की नई इमारत के उद्घाटन को लेकर राजनीति भी खूब हो रही है। दरअसल विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति से नए संसद भवन परिसर का उद्घाटन कराने की मांग कर रही हैं। यही वजह है कि 20 विपक्षी दलों ने संसद भवन के नए परिसर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि राष्ट्रपति को संसद भवन के नए परिसर का उद्घाटन ना कराना और ना ही उन्हें समारोह में बुलाना, देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है। वहीं भाजपा का कहना है कि स्पीकर संसद के संरक्षक होते हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें