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Atal Bihari Vajpayee Jayanti: स्पीकर ओम बिरला बोले- नए सांसदों को अटलजी के आचरण और व्यवहार से सीखने की जरूरत

Wed, 25 Dec 2024 10:34 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि नए सांसदों और लोकतांत्रिक प्रतिनिधियों को अटल बिहारी वाजपेयी के आचरण और व्यवहार से सीखने की जरूरत है।
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ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष - फोटो : ANI
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विस्तार
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आचरण, व्यवहार और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि नए सांसदों और सभी लोकतांत्रिक प्रतिनिधियों को उनसे सीख लेनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, 'अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, उनके काम, सदन में उनके उच्च स्तरीय गरिमामय आचरण, नए सांसदों और सभी लोकतांत्रिक प्रतिनिधियों को उनके आचरण, व्यवहार और कार्यशैली से सीख लेने की जरूरत है।
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पीएम मोदी ने महान राजनेता के रूप में सराहा
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक ऐसे महान राजनेता के रूप में सराहा, जिनका नेतृत्व राष्ट्र को प्रेरित करता है और उन्होंने भारत के 21वीं सदी में संक्रमण में पूर्व प्रधानमंत्री की तरफ से निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया।

'भारत के 21वीं सदी में परिवर्तन के वास्तुकार'
अपने द्वारा लिखे गए एक लेख में, पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को 'भारत के 21वीं सदी में परिवर्तन के वास्तुकार के रूप में वर्णित किया, जिसने देश की आर्थिक वृद्धि के लिए मंच तैयार किया'। अपनी श्रद्धांजलि में, पीएम मोदी ने स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी परियोजनाओं में उनकी दूरदर्शिता, परमाणु परीक्षणों के दौरान उनके नेतृत्व और भारतीय लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए वाजपेयी की सराहना की।
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हमारा देश अटल जी का हमेशा आभारी रहेगा- पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'हमारा देश 21वीं सदी में भारत के परिवर्तन के निर्माता होने के लिए अटल जी का हमेशा आभारी रहेगा। जब उन्होंने 1998 में प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब हमारा देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था। लगभग नौ वर्षों में हमने चार लोकसभा चुनाव देखे थे।' राष्ट्र के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान पर प्रधानमंत्री का लेख कई समाचार पत्रों में छपा। प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत के लोग अधीर हो रहे थे और सरकारों के काम करने को लेकर संशय में थे। यह अटल जी ही थे जिन्होंने स्थिर और प्रभावी शासन प्रदान करके इस धारा को मोड़ दिया। साधारण पृष्ठभूमि से आने के कारण, उन्होंने आम नागरिक के संघर्ष और प्रभावी शासन की परिवर्तनकारी शक्ति को महसूस किया।' 
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