भारत के प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित का सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बतौर सीजेआई पहला दिन था। इस दौरान उन्होंने कहा कि मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए एक नया तंत्र जल्द ही तैयार किया जाएगा। उन्होंने वकीलों से कहा कि वे अपने मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए रजिस्ट्रार के समक्ष मेंशनिंग करें। इसके लिए सीजेआई के अदालत कक्ष में आने की जरूरत नहीं है।
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सीजेआई ने कहा कि हमारे पास गुरुवार तक एक नई व्यवस्था होगी। तब तक हम इसे चैंबर में देखेंगे। अगर आवश्यक हुआ तो हम इसे सूचीबद्ध करेंगे। मामले की मेंशनिंग के लिए हम रजिस्ट्रार के सामने उल्लेख करने की मूल प्रथा पर वापस जाएंगे। चीफ जस्टिस का यह बयान ऐसे वक्त आया, जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष मामलों का उल्लेख करने के तंत्र के बारे में जानना चाहा। जस्टिस एस रवींद्र भट के साथ पीठ की अध्यक्षता कर रहे सीजेआई ललित ने 62 याचिकाओं पर सुनवाई की। इनमें से 10 जनहित याचिकाएं थीं।