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कर्नाटक: 'छात्रों के दिमाग पर बुरा असर नहीं पड़ने देंगे', शिक्षा मंत्री ने पाठ्यक्रम में बदलाव का दिया संकेत

Tue, 30 May 2023 04:47 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

मधु बंगारप्पा ने कहा, मैं कांग्रेस की घोषणापत्र समिति का उपाध्यक्ष था और घोषणापत्र में हमने स्पष्ट रूप से कहा था कि छात्रों के भविष्य के हित में पाठ्यपुस्तक में संशोधन होगा। हम नहीं चाहते कि उनका (छात्रों का) दिमाग प्रदूषित हो।
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Madhu Bangarappa - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कर्नाटक के नए प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने मंगलवार को संकेत दिए कि छात्रों के हित में आने वाले दिनों में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में संशोधन किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने हिजाब पर पाबंदी हटाने को लेकर टिप्पणी करने से इनकार कर दियाम कि मामला अदालत में है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को रद्द करने की सरकार की योजना पर जवाब का इंतजार करने को कहा। 

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भाजपा सरकार के दौरान स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बदलाव किए गए थे। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलावों को रद्द करने का वादा किया था। पार्टी ने एनईपी को खत्म करने का भी वादा किया था। बंगारप्पा ने कहा, मैं कांग्रेस की घोषणापत्र समिति का उपाध्यक्ष था और घोषणापत्र में हमने स्पष्ट रूप से कहा था कि छात्रों के भविष्य के हित में पाठ्यपुस्तक में संशोधन होगा। हम नहीं चाहते कि उनका (छात्रों का) दिमाग प्रदूषित हो।

उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, हम पहले ही कह चुके हैं कि छात्र स्कूलों में शिक्षित होने के लिए आते हैं और हम नहीं चाहते कि इसमें व्यवधान पैदा हो और इस संबंध में सरकार या मैं या अधिकारियों या सिस्टम की ओर से कोई गलती नहीं होनी चाहिए। हमने प्रतिबद्धता जताई है।
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उन्होंने कहा कि कल से स्कूल शुरू होने के लिए पाठ्यपुस्तकों को कुछ हद तक भेज दिया गया है। अब हमारे सामने चुनौती यह है कि हम छात्रों और उनकी पढ़ाई को प्रभावित किए बिना इसकी केयर कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से घोषणापत्र की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया जाएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा था कि ग्रंथों और पाठों के जरिए बच्चों के दिमाग को प्रदूषित करने के कृत्य को माफ नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा था, शैक्षणिक वर्ष शुरू हो गया है, हम चर्चा और कार्रवाई करेंगे ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। सीएम ने कहा था कि एनईपी के नाम पर शिक्षा क्षेत्र में मिलावट नहीं होने दी जाएगी। इस संबंध में एक बार फिर से एक अलग बैठक बुलाई जाएगी ताकि इस पर व्यापक चर्चा की जा सके और सख्त फैसले लिए जा सकें।

बंगारप्पा ने कहा कि वह पहले ही मुख्यमंत्री के साथ एक दौर की चर्चा कर चुकी हैं और वह विभाग में चीजों को आगे बढ़ाने के लिए एक टीम बनाएंगे। उन्होंने कहा, मैं अभी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सकता, कैबिनेट की बैठक एक जून को होने वाली है और उस दिन उनके लिए और जानकारी साझा करने के लिए चीजें आकार ले सकती हैं।

पिछली सरकार के दौरान पाठ्यपुस्तक को लेकर विवाद हुआ था, तब विपक्षी कांग्रेस और कुछ लेखकों ने तत्कालीन पाठ्यपुस्तक समीक्षा समिति के प्रमुख रोहित चक्रतीर्थ को बर्खास्त करने की मांग की थी, जो आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के भाषण को एक अध्याय के रूप में शामिल करके स्कूली पाठ्यपुस्तकों का कथित रूप से 'भगवाकरण' कर रहे थे और स्वतंत्रता सेनानियों, समाज सुधारकों जैसी प्रमुख हस्तियों पर अध्यायों को हटा रहे थे।
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