भारत-बांग्लादेश के बीच अगले महीने 26 मार्च को बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस पर ट्रेन सेवा शुरू होगी। भारत और बांग्लादेश की सरकारों ने 26 मार्च से सिलीगुड़ी में न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) और बांग्लादेश में ढाका के बीच एक यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने का फैसला किया। यह मैत्री एक्सप्रेस और बंधन एक्सप्रेस के बाद तीसरी यात्री ट्रेन होगी, जो दो दोस्ताना पड़ोसी देशों के बीच चल रही है।
दोनों देशों के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से यात्री ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। एनेजपी व ढाका के बीच 513 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन दोनों ओर से चलेगी। उक्त जानकारी पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, कटिहार डिवीजन के डीआरएम रविंद्र वर्मा ने दी। उन्होंने बुधवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-बांग्लादेश के बीच ट्रेन सेवा शुरू करने को लेकर बीते सोमवार 22 फरवरी को न्यू जलपाईगुड़ी में एक बैठक की गई थी। उस बैठक में बांग्लादेश के पाक्सी डिवीजन के डीआरएम शाहिदुल इस्लाम व रेलवे अधिकारी शामिल थे।
बैठक में इन दोनों देशों के बीच ट्रेन सेवा शुरू करने से पहले तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में ट्रेन परिचालन को लेकर सामने आने वाली तकनीकी व सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि ट्रेन में कुल 10 कोच होंगे। छह स्लीपर कोच, दो एसी व दो चेयरकार कोच की व्यवस्था की गई है। ट्रेन का बीच में कोई ठहराव नहीं होगा।
एनजेपी से ढाका व ढाका से एनजेपी भाड़ा क्या होगा,तथा ट्रेन में सीट बुकिंग कब से शुरू होगी, इस संबंध में पूछे गए सवाल पर डीआरएम ने कहा कि यह अभी निर्धारित नहीं हुआ है। इसके लिए भी जल्द ही दोनों देशों के बीच रेलवे कामर्शियल इंसपेक्टर स्तर की बैठक होगी। उसमें इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। बताया गया कि दोनों देशों के बीच पैसेंजर व मालगाड़ी दोनों सेवाएं जारी रहेंगी।
बांग्लादेश के पाक्सी डिवीजन के डीआरएम शाहिदुल इस्लाम की उपस्थिति में डीआरएम वर्मा ने कहा कि ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद दोनों के देशों के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में भाग लेने आए बांग्लादेशी रेलवे की टीम बीते मंगलवार को दार्जिलिंग डीएचआर के दौरे पर भी गई थी। डीएचआर ट्रैक व ट्वॉय ट्रेन को देखकर वे लोग काफी प्रभावित भी हुए।
शाहिदुल इस्लाम कहा कि 'बांग्लादेश की आजादी के बाद से ही बांग्लादेश और भारत के बीच बहुत अच्छी दोस्ती और संबंध हैं।' उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के लोगों को संपर्क की समस्या थी और वे हमेशा भारत से सड़कों और रेलवे लिंक के माध्यम से संपर्क के लिए आग्रह करते आए हैं। इन मुद्दों ने बांग्लादेश सरकार के भारत के साथ टूटे हुए लिंक को फिर से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन ढाका से एनजेपी तक दूरी तय करने में नौ घंटे का समय लेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार निकट भविष्य में नेपाल और भूटान के साथ रेल सेवा शुरू करने की भी योजना बना रही है।
बांग्लादेश की आजादी का स्वर्ण जयंती वर्ष
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष बांग्लादेश की आजादी के 50 वर्ष पूरे होंगे। यह बांग्लादेश की आजादी का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा। इसे यादगार बनाने के लिए दोनों देशों के बीच यह ट्रेन सेवा शुरू हो रही है। इसके अलावा बांग्लादेश से काफी संख्या में पर्यटक भारत आते हैं। यह ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद भारत से काफी संख्या में पर्यटक बाग्लादेश जाएंगे। भविष्य में एनजेपी से नेपाल व भूटान भी ट्रेन मार्ग से जुड़ सकता है।
खास बातें:-
- डीआरएम के मुताबिक, ट्रेन सप्ताह में दो दिन यानी सोमवार व गुरुवार को एनजेपी से ढाका के लिए रवाना होगी।
- जबकि ढाका से मंगलवार व शुक्रवार को एनजेपी के लिए रवाना होगी।
- उन्होंने बताया कि ट्रेन के स्टाफ भारत-बांग्लादेश जीरो प्वाइंट के नजदीकी स्टेशन चिलाहाटी में ड्यूटी बदलेंगे।
- बताया गया कि ट्रेन में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम होंगे।
- भारतीय क्षेत्र में कस्टम कार्यालय एनजेपी में होगा। बांग्लादेश में कस्टम कार्यालय ढाका कैंटोनमेंट क्षेत्र में होगा।