Former prime minister Manmohan singh
कांग्रेस पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के अनुभव और नेतृत्व का लाभ लेती रहेगी। राज्यसभा से रिटायर हुए 24 घंटे भी नहीं हुए डा. सिंह पार्टी में गाइड की नई भूमिका में दिखाई दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नीति आयोग की बैठक से पहले कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री उनके मार्गदर्शन में एक साथ बैठे और एजेंडे के मुद्दों पर चर्चा की। कर्नाटक की गठबंधन सरकार के सीएम कुमार स्वामी भी डा. सिंह की क्लास में शामिल हुए। बीमारी के चलते पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली आए।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पद छोडने की इच्छा के बाद नेहरू-गांधी परिवार के बिना हुई पार्टी की तीसरी बड़ी बैठक डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में हुई। डा. सिंह के साथ राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और पुडुचेरी के सीएम वी. नारायणसामी बैठक में शामिल हुए। हाल में कुछ नियुक्तियों में भी कांग्रेस अध्यक्ष की जगह एआईसीसी लिखकर आ रहा है।
नीति आयोग एजेंडे और विषयों पर डा. सिंह ने अपने मुख्यमंत्रियों से जाना चाहा कि आखिर बैठक में उनका नजरिया क्या रहेगा। सीएम बैठक में किस तरह अपना पक्ष रखें ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की सोच पता चले। डा. सिंह के साथ मुख्यमंत्रियों ने नदियों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों, कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार के नए प्रयास की आवश्यकता, वन कानून में बदलाव की आवश्यकता और जंगलों में ही आदिवासियों के जीवन में बदलाव लाने, नक्सल प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों की नीति ताकि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के बजाय निवेश को आकर्षित करने जैसे विषयों पर चर्चा की।
सीएम कमलनाथ ने बताया कि सभी मुख्यमंत्रियों को डा. सिंह ने अपनी राय से अवगत कराया। बातचीत में देश के सूखते जल स्रोतों पर भी बात हुई। देश का बड़ा इलाका सूखे की मार झेल रहा है, नदियां सूख गई हैं सरकार को आपात योजना बनानी चाहिए। किसानों के संकट पर भी काम करने की जरूरत है। कमलनाथ ने कहा कि ये सभी मुद्दे पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग की बैठक में उठाएं जाएंगे।
पंजाब के वित्त मंत्री को मंजूरी नहीं मिली
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बीमार होने के चलते न तो डा. मनमोहन सिंह की बैठक में शामिल हुए और न ही नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने अपने प्रतिनिधि के तौर पर वित्त मंत्री मनप्रीत बादल को भेजा था। सूत्रों के मुताबिक पीएमओ से उन्हें बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली। बताते हैं कि इस बैठक में सिर्फ मुख्यमंत्री ही शामिल हो सकते हैं उनका कोईप्रतिनिधि नहीं हो सकता है।