चुनाव आयोग एक पखवाड़े के अंदर एम-3 या मॉडल-3 के एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का परीक्षण करेगा। यदि आयोग इसके नए फीचर से संतुष्ट होगा तो 2019 में होने वाले आम चुनाव के लिए वह 10 लाख नए ईवीएम का ऑर्डर दे सकता है।
इकॉनमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, ईसी के प्रपोजल में 13.9 लाख नए बैलट यूनिट (मतपत्र इकाइयां) मशीन का पार्ट होंगी, जहां वोटर्स बटन दबाएंगे। साथ ही 9.3 लाख नए कंट्रोल यूनिट होंगे, जहां वोटिंग के स्थानों की निगरानी होगी । यह 2019 चुनाव से पहले आयोग के पास आ जाएगा। बताते चलें कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद बसपा, सपा और आप ने हार के बाद ईवीएम से धांधली का आरोप लगाया था।
मुख्य चुनाव नसीम जैदी ने ईवीएम से छेड़छाड़ की घटना से इनकार करते हुए कहा कि नई तकनीकी सिर्फ और सिर्फ उसकी विश्वसनीयता बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, मैनुफेक्चरर, जिला निर्वाचन अधिकारी, पोलिंग अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और राजनैतिक पार्टियों के एजेंट सभी को साथ में देखने पर निष्कर्ष निकलता है कि एक जगह आप छेड़छाड़ करते हैं तो दूसरी जगह पर यह पकड़ में आ जाएगा। ईवीएम के 15 साल के इतिहास में यह कई चरणों से होकर गुजरा है।