किसी ने ठीक ही कहा है कि नशा शराब में होती तो नाचती बोतल। बिहार में शराबबंदी के बाद जब नीरा का स्वाद चखने को मिला तो लोग उसके दीवाने हो गए। वैसे तो नीरा का व्यावसायिक उत्पादन और बिक्री 15 अप्रैल से शुरू होगी, लेकिन बिहार दिवस के मौके पर लोगों ने जमकर इसका स्वाद चखा है। गांधी मैदान के उद्योग मंडप में तीन दिनों तक नीरा के दीवानों की भीड़ रही। इन तीन दिनों में कुल 27 हजार लीटर नीरा लोग गटक गए।
जानकारी के अनुसार पहले दिन 10 हजार लीटर, दूसरे दिन सात हजार लीटर और आखिरी दिन 10 हजार लीटर नीरा की बिक्री हुई। मालूम हो कि गत वर्ष अप्रैल महीने में प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू किए जाने के बाद राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में ताड़ी के स्थान पर नीरा सहित अन्य उत्पादों का उत्पादन शुरू किए जाने की घोषणा की थी।
उद्योग मंडप के आयोजक उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के उप निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि तीन दिनों में कुल 27 हजार लीटर नीरा का लोगों ने स्वाद चखा है। उन्होंने बताया कि तीनों दिनों में दो घंटे के दौरान ही नीरा खत्म हो गया। लोगों को 10 रुपये प्रति गिलास के भाव से नीरा की बिक्री की गई।
इधर, उद्योग विभाग का कहना है कि 15 अप्रैल से प्रदेश में नीरा के चार कारखानों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। हाजीपुर, भागलपुर, नालंदा और गया के इन कारखानों में ट्रायल जारी है और इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों कराया जाएगा। विभाग के मंत्री जय कुमार सिंह का दावा है कि यह अपने आप में देश में रोल मॉडल साबित होगा।