रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भरोसा जताया कि नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (डीपीएसयू) गुणवत्ता, लाभप्रदता (टर्नओवर) और कारोबार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे। सिंह ने यह बयान रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में दिया। उन्होंने कहा, हमारे डीपीएसयू भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर' बनाएंगे।
ओएफबी से अलग किए गए थे डीपीएसयू
सरकार ने सात सरकारी रक्षा कंपनियों की स्थापना की थी, जिन्हें 2021 में आयुध फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) से अलग किया गया था। इसका मुख्य मकसद आयुध फैक्टरियों को लाभकारी और उत्पादक संसाधनों में बदलना, उत्पादों की रेंज में विशेषज्ञता बढ़ाना और प्रतिस्पर्धा में सुधार करना था।
डीपीएसयू ने समिति को दी नए उत्पादों की जानकारी
बैठक में नए डीपीएसयू की भूमिकाओं और कार्यों पर चर्चा की गई। इन डीपीएसयू की ओर से सलाहकार समिति वित्तीय आंकड़ों, आधुनिकीकरण, पूंजीगत खर्च, निर्यात और नए उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई।
रक्षा मंत्री ने की डीपीएसयू की सराहना
रक्षा मंत्री ने इन नए डीपीएसयू द्वारा उत्पादों के स्वदेशीकरण, विनिर्माण सुविधाओं के आधुनिकीकरण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सिंह ने यह भी कहा कि ओएफबी के निगमकरण के बाद नए डीपीएसयू ने उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार दिखाया है।
'डीपीएसयू की कम समय में हुई अच्छी प्रगति'
उन्होंने कहा कि इन डीपीएसयू के उत्पादों की बिक्री और लाभ में बहुत कम समय में अच्छी प्रगति हुई है। रक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि नए डीपीएसयू आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण को आगे बढ़ाएंगे और विश्व स्तर की तकनीकें अपनाकर गुणवत्ता, कारोबार, लाभप्रदता और अन्य वित्तीय मानकों में नए आयाम स्थापित करेंगे।