देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने तीनों सेनाओं के साथ पहली बार बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सेना, नौसेना और वायु सेना को एकीकृत थिएटर कमांड के सृजन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि ये तीनों सेनाओं से कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही बहुत सारी चर्चा हो चुकी है और अब आगे बढ़ने का समय आ गया है।सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि थिएटर कमांड के मुद्दे पर तीनों सेवाओं ने विस्तार से चर्चा करने के लिए व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ संयुक्त रूप से कई अध्ययन भी किए हैं।
पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद लटक गई थी योजना
गौरतलब है कि नए सीडीएस के रूप में जनरल अनिल चौहान के पद ग्रहण करने के बाद एक बार फिर भारतीय सेना की तीनों इकाइयों को मिलाकर थिएटर कमांड्स के गठन के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के गत दिसंबर में एक हेलिकॉप्टर हादसे में निधन से सेना के इस मॉडल की कोशिशों को आघात लगा था।
थिएटर कमांड्स के गठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सेना में इसे लेकर मतभेद दूर नहीं हो पा रहे हैं। भारतीय वायु सेना (IAF) को इस मॉडल के बारे में चिंता है। उससे संकेत मिलता है कि मतभेद अभी कायम हैं। कहा जा रहा है कि वायुसेना को थिएटर कमांड के मौजूदा मॉडल पर आपत्ति है। एकीकृत कमान या थिएटर कमान के गठन पर आम सहमति की कमी से भविष्य की जंग के लिए संसाधनों का श्रेष्ठ उपयोग सुनिश्चित करने और आवश्यक सैन्य सुधार में और देरी हो सकती है।
चार नई एकीकृत कमान का प्रस्ताव
दरअसल, देश में अभी 17 रक्षा कमान हैं। इन्हें मिलाकर चार थिएटर कमांड बनाए जा सकते हैं। इनके गठन से सेना के समग्र संसाधनों का श्रेष्ठ व एक साथ उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। विचाराधीन मॉडल में सैन्य अभियान में एकरूपता या तालमेल के लिए चार नई एकीकृत कमान बनाने का प्रस्ताव है। इनमें से दो थल सेना केंद्रित होंगी तो एक वायुसेना की और एक नौसेना की।
थिएटर कमांड के लाभ
सेना की थिएटर कमांड से दुश्मन पर अचूक वार करने में मदद मिलती है। थिएटर कमांड्स का सबसे सही उपयोग युद्ध के दौरान तब होता है जब बात तीनों सेनाओं के बीच समन्वय जरूरत होती है। तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए ये कमांड बेहद उपयोगी होता है। यहां से बनी रणनीतियों के अनुसार दुश्मन पर अचूक वार करना आसान हो जाता है। यही कारण है कि सेना, वायुसेना और नौसेना को एकसाथ लाकर इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने की बात हो रही है।
सीडीएस जनरल चौहान के अब पदभार संभालने के साथ, इन कमांड्स के निर्माण में तेजी आने की संभावना है और इस संबंध में जल्द ही निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
जोधपुर का दौरा करेंगे सीडीएस जनरल अनिल चौहान
वहीं, नए सीडीएस तीन अक्टूबर को जोधपुर का दौरा भी करेंगे। यहां वे एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी के साथ भारतीय वायु सेना में हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर को शामिल करेंगे। नए सीडीएस जनरल अनिल चौहान अपना नया कार्यालय संभालने के बाद दिल्ली के बाहर अपनी पहली यात्रा करेंगे।