सीबीआई के प्रवक्ता नितिन वाकणकर ने बताया कि आईपीएस आर के शुक्ला ने सोमवार सुबह सीबीआई निदेशक का पद संभाला। मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजीपी और खुफिया विभाग के अनुभवी अधिकारी शुक्ला के पूर्ण निदेशक के रूप में कार्यभार संभालने से एजेंसी के कामकाज में स्थिरता आने की संभावना है। एजेंसी पहले ही पोंजी घोटाला मामलों में पश्चिम बंगाल सरकार की कार्रवाई को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय जाने का फैसला कर चुकी है।
सीबीआई के अंतरिम प्रमुख एम. नागेश्वर राव की स्थिति कुछ अजीबो-गरीब हो गई और वह पश्चिम बंगाल पुलिस की इस कार्रवाई का तत्काल जवाब नहीं दे सके। पश्चिम बंगाल में ना सिर्फ सीबीआई टीम को हिरासत में लिया गया बल्कि साल्ट लेक के सीजीओ परिसर स्थित एजेंसी के कार्यालय की भी घेराबंदी कर ली गई।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केन्द्र की कथित मनमानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इस कदम से हुए उनके (ममता के) अपमान के खिलाफ रविवार शाम धरने पर बैठ गईं थीं।
मध्यप्रदेश के मंत्री ने कहे अपशब्द
वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के एक मंत्री ने उन्हें लेकर अपशब्द कहे हैं। सरकार में सामान्य प्रशासन एवं सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने शुक्ला को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में शुक्ला के डीजीपी रहते हुए जाति के आधार पर दलित आंदोलनकारियों की हत्या हुई थी।
रविवार को सिंह ने कहा कि "शुक्ला अयोग्य, असफल अफसर हैं। मैं समझता था कि वह ग्वालियर-चंबल संभाग के शेर होंगे, लेकिन मैंने पाया कि भेड़िया शेर की खाल में बैठा है।"