यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की नसीहतें बेअसर होती दिख रही हैं। उनके नसीहतों के बावजूद भाजपा नेताओं की अनदेखी अधिकारियों को भारी पड रही है। भाजपा नेताओं की बात न सुनने के मामले में शीर्ष अधिकारियों के जरिए निचले अधिकारियों को धमकाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। भाजपा नेताओं से टकराने का अंजाम भुगतने वाली बुलंदशहर के श्याना सर्किल की सीओ श्रेष्ठा ठाकुर के तबादले का मामला तो सबके सामने है। मगर कई ऐसे भी अधिकारी हैं जिन्हें खौफ के साये में नौकरी करनी पड रही है।
ऐसा ही एक मामला विधुत वितरण मंडल, उरई का है। यहां एक उपखंड अधिकारी को अपने अधीक्षण अभियंता से भविष्य की चेतावनी के साथ फटकार खानी पडी है। जबकि मुख्यमंत्री योगी शुरूआत से ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील कर रहे हैं कि वे अधिकारियों पर किसी भी तरह का दबाव न बनाएं। हालांकि उनके बात का असर उनके अपने ही उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य पर नहीं है।
बीते दो दिन पहले केशव ने आजमगढ में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारी भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी न करें। भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी उन्हें भारी पड रही है। उरई विधुत वितरण विभाग के पत्र को देखकर लगता है कि यूपी के विभिन्न विभागों में अधिकारियों पर योगी के बजाय केशव के बातों का असर होता दिख रहा है। इससे पहले आजमगढ के पूर्व भाजपा सांसद का एक मामला भी सामने आ चूका है। जिसमें वे पुलिस अधिकारी को धमकाते दिख रहे हैं।
क्या है अधीक्षण अभियंता उरई का पत्र
विधुत वितरण मंडल विभाग के अधीक्षण अभियंता,उरई ने भाजपा पदाधिकारियों के साथ सही व्यवहार नहीं करने के संबंध में अपने अधिनस्थ उपखण्ड अधिकारी, जालौन को पत्र लिखते हुए उन्हें भविष्य की चेतावनी के साथ नसीहते दी हैं।
अधीक्षण अभियंता ने उपखंड अधिकारी को लिखा है कि आपके द्वारा बीजेपी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति सही व्यवहार नहीं किया जा रहा है। अत: आपकों निर्देशित किया जाता है कि बीजेपी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से सम्मान के साथ व्यवहार करें। तथा आपको चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में दुबारा कोई इस प्रकार की बात अद्योहस्तक्षरकर्ता के समक्ष नहीं आनी चाहिए। अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्यवाही की जाएगी।