चंद्र कुमार बोस ने कहा कि राहुल ने जो लिखा है। इसमें विवाद की तो बात ही नहीं है। यह तो एनडीए सरकार ने ही प्रमाणित कर दिया था कि 18 अगस्त 1945 में उनका देहांत हुआ था। सरकार ने 2016-17 में जांच के बाद जो 10 फाइलें सार्वजनिक की हैं, उसमें स्पष्ट हो रहा है कि उनका देहांत हुआ था। इसलिए राजनीति नहीं होनी चाहिए।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आजादी के नायक सुभाष चंद्र बोस के निधन की तारीख को लेकर राहुल गांधी के पोस्ट पर विवाद छिड़ा है। इस मामले में सुभाष चंद्र बोस के भतीजे चंद्र कुमार बोस ने राहुल गांधी का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नेताजी की जयंती पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पोस्ट पर विवाद गलत है। सरकार को चाहिए कि वह नेताजी की अस्थियों को वापस लाने के लिए उनकी बेटी के पत्रों का जवाब दे।
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चंद्र कुमार बोस ने कहा कि राहुल ने जो लिखा है। इसमें विवाद की तो बात ही नहीं है। यह तो एनडीए सरकार ने ही प्रमाणित कर दिया था कि 18 अगस्त 1945 में उनका देहांत हुआ था। सरकार ने 2016-17 में जांच के बाद जो 10 फाइलें सार्वजनिक की हैं, उसमें स्पष्ट हो रहा है कि उनका देहांत हुआ था। इसलिए राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो विवाद कर रहे हैं, वे नेशनल आर्काइव में जाकर पढ़ लें। पता चल जाएगा।
निधन की तारीख पर विवाद
दरअसल, राहुल ने बृहस्पतिवार को नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने नेताजी के निधन की तारीख 18 अगस्त 1945 लिखी। इस पर विवाद हो गया। सत्तापक्ष के कई नेताओं ने इसे नेताजी का अपमान करार दिया और माफी की मांग की। राजग के नेताओं का कहना है कि बोस की मृत्यु एक विमान दुर्घटना में हुई थी।
टीएमसी नेता ने भी राहुल गांधी को घेरा
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टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि राहुल गांधी का पोस्ट गलत है और स्वीकार्य नहीं है। हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मना रहे हैं। हमें नहीं पता कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हवाई दुर्घटना के बारे में सिद्धांत सही है या नहीं। राहुल गांधी ने जो मृत्यु तिथि बताई है वह गलत है, उन्हें इसे सही करना चाहिए।